श्री गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र दिवस के मौके पर अपने वीडियो संदेश में कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जरिए विवादों को सुलझाने, गरीबी और भुखमरी से लड़ने, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और संघर्ष, आपदाओं तथा विस्थापन से प्रभावित लोगों तक जीवन रक्षक सहायता पहुंचाने में संगठन के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर शांति, विकास और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को फिर से रेखांकित किया।
उन्होंने अपने संदेश में कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जरिए विवादों को सुलझाने, गरीबी और भुखमरी से लड़ने, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और संघर्ष, आपदाओं तथा विस्थापन से प्रभावित लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने में संगठन के कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज संयुक्त राष्ट्र की पहले से कहीं अधिक जरूरत है। हम संयुक्त राष्ट्र को और मजबूत बनाने के लिए काम करना जारी रखेंगे, ताकि लोगों की बेहतर सेवा की जा सके और हमारे समय की चुनौतियों का सामना किया जा सके।”
उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का जश्न है बल्कि उस सिद्धांत का भी जश्न है कि मानवता का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि देश शांति, विकास और मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने व्यापार और तकनीक से लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता और महिलाओं तथा लड़कियों के लिए अवसरों का विस्तार करने जैसे क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संगठन देशों को वैश्विक मंच पर अपनी बात समान रूप से रखने का एक मंच भी प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साझा चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग आज भी अत्यंत आवश्यक है।
संयुक्त राष्ट्र दिवस हर साल 24 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के लागू होने की याद दिलाता है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों सहित हस्ताक्षरकर्ताओं के आवश्यक बहुमत द्वारा पुष्टि किये जाने के बाद इसी चार्टर ने औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की थी।
