
भीकनगाँव। भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे नवभारत साक्षरता अभियान को विभागीय जिम्मेदारो की उदासीनता व लापरवाही के चलते पलिता लगाया जा रहा है। शनिवार को भीकनगाँव विकासखंड के काँझर संकुल की माध्यमिक शिक्षा केंद्र रामपुरा में पदस्थ शिक्षक एवं प्रभारी जनशिक्षक नसीब खान असाक्षर से साक्षर परीक्षा प्रभारी होने के बावजूद अपनी स्कुल सहित परीक्षा केंद्र से नदारद रहे। माध्यमिक शिक्षा केंद्र रामपुरा में उपस्थित एकमात्र अतिथि शिक्षिका मनीषा अटोदे ने बताया कि शाला में पदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती उषा कोचले अवकाश पर है वही दूसरे पदस्थ शिक्षक नसीब खान के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वही समीपस्थ प्राथमिक शिक्षा केंद्र रामपुरा में पदस्थ शिक्षिका ने बताया कि उन्हें भी शिक्षक एवं असाक्षर परीक्षा प्रभारी नसीब खान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। प्राथमिक शिक्षा केंद्र रामपुरा पर आयोजित साक्षर परीक्षा मौजूद शिक्षिका द्वारा हीं ली जा रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा केंद्र रामपुरा में पदस्थ प्रधानपाठक श्रीमती उषा कोचले द्वारा अवकाश पर जाने के चलते 24 अक्टूबर को आयोजित असाक्षर परीक्षा के प्रभार शिक्षक नसीब खान को सौंपा था, मगर उक्त शिक्षक द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुए उक्त परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचना जरुरी नहीं समझा व बिना सूचना के अपनी शाला सहित परीक्षा केंद्र दोनों से नदारद रहे। जबकि दूरभाष पर चर्चा करने पर उक्त शिक्षक कभी फिल्ड में होने, कभी बाहर होने जैसे बहाने करते रहे। इस संबंध में विकासखंड स्रोत समन्वयक जेसी हिरवे के निर्देश पर कांझर संकुल प्रभारी राजेश पिंडारे को शाला में भेजकर पंचनामा बनवाया। बीआरसी जेसी हिरवे ने लापरवाह शिक्षक नसीब खान के विरुद्ध कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया।
शत प्रतिशत साक्षरता के लिए भारत सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम।
भारत सरकार के साक्षरता अभियान के तहत प्रौढ़ शिक्षा के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में असाक्षर जनो को साक्षर बनाने के लिए प्रतिवर्ष कार्यक्रम चलाकर परीक्षा आयोजित की जाती है। ऐसे में उक्त जिम्मेदार शिक्षकों की घोर लापरवाही एवं जवाबदार अधिकारियों के उदासीन रुख के चलते उक्त अभियान लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
