ग्वालियर :पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा ग्वालियर के रेडीशन होटल में डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन लैब टू बैटलफील्ड विषय पर किया गया । कार्यक्रम के एसोसिएट पार्टनर “ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन” एवं एमएसएमई काउंसिल कमेटी थे ।स्वागत उद्बोधन जीएमए ग्वालियर के अध्यक्ष व म. प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार की जो आत्म निर्भर भारत की जो सोच है ।
इसी के तहत आज का यह एमएसएमई डिफेंस का आयोजन किया जा रहा है । हमारे देश के कुल बजट का 17 प्रतिशत हिस्सा रक्षा बजट के लिए है, जो कि हमारी जीडीपी का 2 प्रतिशत हिस्सा है । इतने बड़े बजट का उपयोग यदि हम अपने देश के अंदर रक्षा उत्पादों में लगने वाली वस्तुओं के निर्माण में खर्च करेंगे, तो हमारे देश में आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी एवं विषम परिस्थितियों में दूसरे देशों पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा । आज की यह कार्यशाला निश्चित रूप से ग्वालियर-चंबल में जो डिफेंस मैन्यूफेक्चरिंग जोन बनने जा रहा है, उसके लिए उपयोगी है और हमारे लघु उद्योगों के लिए भी उत्कर्ष साबित होगा ।
कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर जनरल, डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रॉडेक्शन, मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया विनोद कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर (एक्सपोर्ट), डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडेक्शन, मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया पी. एस. उन्नीराज, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एम.पी.आई.डी.सी., ग्वालियर, आईएएस श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव, एसोसिएट डायरेक्टर, डीआरडीई डॉ. विकास बी. धाकरे, चेयरमेन, एमएसएमई प्रमोशन काउंसिल भूपिन्दर कुमार शर्मा, जनरल मैनेजर, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के. आर. मीना सहित रक्षा क्षेत्र व प्रशासनिक विभागों से पधारे अतिथिगण, रक्षा विशेषज्ञ व स्थानीय एमएसएमई उद्यमी उपस्थित थे ।
इस अवसर पर पैनल डिस्कशन कर उद्यमियों की जिज्ञासा का निराकरण किया गया । विशेषज्ञों के रूप में पी. एस. उन्नीराम, संयुक्त निदेशक डिफेंस उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, लेफ्टि. कर्नल अमन सिंह, ग्रुप केप्टन सुशांत विश्वास, एयरफोर्स, हरीश भटनाकर, उप महाप्रबंधक, व्हीकल फेक्ट्री, जबलपुर, राजीव कुमार, उपनिदेशक एमएसएमई, भारत सरकार, आदित्य शर्मा, सहायक प्रबंधक, सिडबी, विवेक अग्रवाल, निदेशक, मेसर्स शक्ति इंजीनियरिंग, हर्षित गोयल, निदेशक, जीनियस ए.आई. प्रा. लि. शामिल थे ।
म. प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री, ग्वालियर के उपाध्यक्ष संदीपनारायण अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन न केवल ग्वालियर बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक ‘मील का पत्थर’ साबित होगा क्योंकि आज के सम्मेलन की थीम र्शाती है, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए हमारे स्थानीय एमएसएमई और रक्षा नवाचारों के बीच मजबूत तालमेल होना अत्यंत आवश्यक है । इसके लिए ग्वालियर अंचल में अपार औद्योगिक क्षमता, तकनीकी कौशल और उद्यमिता की भावना विद्यमान है । यदि सही नीतियाँ, तकनीक और प्रोत्साहन मिले, तो यहाँ की एमएसएमई डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग, स्मॉल आर्म्स और आधुनिक तकनीकों की आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं
