इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने बताया कि वेस्ट बैंक के हेब्रान शहर के पास एक अस्थायी सैन्य चौकी पर 20 मिनट से अधिक समय तक चली मुठभेड़ के बाद दोनों हमलावरों को ढेर कर दिया गया। हमलावरों की पहचान 27 वर्षीय मोहम्मद जाबा और फिरास जाबा के रूप में हुई है। ये दोनों हेब्रोन निवासी और एक ही परिवार के सदस्य थे। वे स्थानीय समय अनुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे बजे कार से मौके पर पहुंचे और फिलिस्तीनी वाहनों की नियमित जांच कर रहे इजरायली सैनिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इस हमले में मारे गए इजरायली सैनिकों की पहचान एशकेलॉन निवासी स्टाफ सार्जेंट रॉन जोनातन रॉयटमैन (23) और होद हाशरोन निवासी सार्जेंट युवाल शाई स्विलेम (20) के रूप में हुई है।
सेना की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावरों का इरादा इजरायली नागरिकों पर हमले का रहा होगा, लेकिन जब उन्हें लगा कि वे मुख्य राजमार्ग तक नहीं पहुंच सकते, तो उन्होंने चेकपॉइंट पर ही गोलियां चला दीं। आईडीएफ ने कहा कि उनकी कार से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि वे किसी बड़े हमले की तैयारी में थे।
गोलीबारी की इस घटना में घायलों को यरुशलम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हमले के बाद घटनास्थल पर पहुंचे प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने हथियारों की घर-घर तलाशी से पहले हेब्रोन के उस इलाकेको खाली करने का आदेश दिया है जहां हमलावर रहते थे। इसके अलावा उन्होंने दो लाख से अधिक आबादी वाले शहर हेब्रोन की पूरी तरह से घेराबंदी करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
श्री नेतन्याहू ने कहा, “हमारा पहला कदम इस स्थल को ध्वस्त करना और इसे पूरी तरह से परिवर्तित करना होगा। आईडीएफ उन इलाकों में प्रवेश करेगी जहां से आतंकवादी निकले थे, निवासियों को बाहर निकालेगी, घर-घर जाएगी और आतंकवादी ढांचे को नष्ट करेगी। हम यहूदा और सामरिया (वेस्ट बैंक के लिए इजरायली द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द) में एक व्यापक अभियान के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उसी मॉडल पर आधारित होगी जिसका इस्तेमाल उन शरणार्थी शिविरों में किया गया था जहां इजरायली बलों ने सात अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद से फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों के खिलाफ अभियान चलाए हैं। उन अभियानों के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इजरायल, वेस्ट बैंक की सड़कों के किनारे बिना अनुमति के बनाए गए मकानों को हटाएगा, क्योंकि इनसे इजरायली बलों को खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि सेना 1967 में कब्जा करने के बाद से इस क्षेत्र में अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रही है और इसके समय का फैसला बाद में किया जाएगा।
