
नई दिल्ली, कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार की विदेश और रक्षा नीतियों पर तीखे प्रहार किया है. पार्टी ने विशेष रूप से भारत-चीन सीमा विवाद, द्विपक्षीय व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है.
पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर चीन के सामने भारत के हितों का आत्मसमर्पण करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की चीन नीति बेहद कमजोर है. खेड़ा ने कहा कि इतनी जांबाज और बहादुर सेना होने के बावजूद सरकार का रवैया बेहद डरपोक और कायरतापूर्ण दिखाई देता है. उन्होंने पूछा कि क्या हमारी सेना को अरूणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अप्रैल 2020 से पहले वाले पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर फिर से गश्त करने की अनुमति मिल पाई है? उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर सीमा प्रबंधन और बीजिंग के साथ किए गए समझौतों से देश को हासिल क्या हुआ है.
कांग्रेस नेता ने सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों की हालिया रिपोर्टों और बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि जब देश के जवानों की वीरता और शहादत को सरकार द्वारा सही ढंग से स्वीकार नहीं किया जाता, तो अधिकारियों का बोलना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि इससे पहले पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में भी इसी तरह के गंभीर सुरक्षा मुद्दे उठाए गए थे और कहा गया था कि 65 में से 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट पर हमारा कब्जा नहीं है. सरकार व्यापार और चीनी कामगारों को वीजा प्रतिबंधों में ढील देने में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. खेड़ा ने विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अबतक 23 बार चीन के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई लेकिन अरूणाचल व लद्दाख का मुद्दा क्यों नहीं उठाए गए? प्रधानमंत्री ने पूर्व में जो बयान दिए थे, उन्हें चीनी मीडिया ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया. खेड़ा ने कटाक्ष किया कि यदि देश में कोई मजबूत इच्छाशक्ति वाला प्रधानमंत्री होता, तो वह ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग चीन और अमेरिका जैसे देशों को एक कड़ा संदेश देने के लिए करता. कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि वह सीमा पर अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल करने को लेकर देश के सामने समय-सीमा और स्पष्ट स्थिति साफ करे. खेड़ा ने कहा कि यदि आरोप गलत है तो सरकार सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल अरूणाचल प्रदेश के सीमा पर दौरा करने के लिए भेजे.