धर्म रक्षा समिति ने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

सीधी । धर्म रक्षा समिति सीधी के तत्वावधान में संयोजक शेखर भारती के नेतृत्व में पूजा पार्क से ज्ञापन सौंपने के लिए आज रैली निकाली गई। समिति ने जिले में कथित अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों पर रोक लगानेए संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस दौरान समिति के संयोजक शेखर भारती ने कहा कि सीधी जिले का हिंदू समाज भारत की सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की गौरवशाली विरासत के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि हमारी जीवन.पद्धति, संस्कारों, परंपराओं और सामाजिक चेतना का आधार है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रलोभन, आर्थिक सहायता के आश्वासन, भय, दबाव, कथित झूठे इलाज और झाड़फूंक जैसे माध्यमों से धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायतें सामने आने से समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता व्याप्त है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित शिकायतों की गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता है। समिति ने बहरी एवं जमोड़ी थानों में दर्ज प्रकरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति का आरोप है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धर्मांतरण के प्रयास जारी हैंए जिन पर प्रभावी रोक लगाना आवश्यक है।

समिति ने ज्ञापन में रखीं प्रमुख मांगें-

धर्म रक्षा समिति ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि जिले में धर्मांतरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों की निष्पक्षए पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। समिति ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से प्रलोभन देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समिति ने ऐसी गतिविधियों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में गीता दीक्षित एवं उनके अनुयायियों पर कुल देवी.देवताओं के अपमान तथा पारंपरिक रीति.रिवाजों को समाप्त करने का प्रयास करने के आरोप भी लगाए गए हैं। समिति ने इन आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। साथ हीए समिति ने आरोप लगाया कि कथित गतिविधियों का विरोध करने वाले लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। इस संबंध में भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

अनधिकृत चिकित्सा गतिविधियों की जांच की मांग-

समिति ने कारीमाटी, जमोड़ी, बहरी तथा अन्य क्षेत्रों में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति के दवाइयां वितरित किए जाने के आरोप लगाते हुए चिकित्सा विभाग से जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि बिना लाइसेंस या आवश्यक अनुमति के चिकित्सा गतिविधियां संचालित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावाए सीधी नगर के इंद्रप्रस्थ नगर एवं जमोड़ी में संचालित प्रार्थना स्थलों की अनुमति और वैधानिक स्थिति की जांच कराने की मांग भी की गई। समिति ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से विवाद एवं अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। समिति ने प्रशासन से संबंधित स्थलों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

आरक्षण और संपत्ति की जांच की मांग-

ज्ञापन में धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण एवं अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ लेने संबंधी मामलों की भी नियमानुसार जांच कराने की मांग की गई। समिति ने कहा कि पात्रता से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। इसके साथ हीए कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वाले व्यक्तियों की आय एवं संपत्ति की जांच कराने की मांग भी उठाई गई। समिति ने जिला चिकित्सालय के लेबर वार्ड में पदस्थ शासकीय कर्मचारी नीलम दीक्षित पर ड्यूटी के दौरान मरीजों को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में उनकी भूमिका की जांच कराने तथा सेवा संबंधी नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। समिति ने यह भी कहा कि गीता दीक्षित एवं नीलम दीक्षित के विरुद्ध पूर्व में शिकायतें किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। इन शिकायतों की समीक्षा कर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया कि कुछ लोगों को झाड़- फूंक और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से चिकित्सा उपचार से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाता है जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। समिति ने ऐसे मामलों की जांच कर लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील-

धर्म रक्षा समिति ने जिला प्रशासन से ज्ञापन में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए निष्पक्ष जांच एवं नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने का आग्रह किया। समिति ने कहा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से जिले में सामाजिक सौहार्द, शांति, सद्भाव का वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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