
शुजालपुर, अनुविभाग शुजालपुर की तहसील अवंतिपुर बड़ोदिया में मां लालबाई फूलबाई की शाही सवारी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. करीब 500 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार 26 अक्टूबर को ब्रह्ममुहूर्त में माता की शाही सवारी निकाली जाएगी.
सुबह 4 बजे षोडशोपचार पूजन के बाद सोलह श्रृंगार से सजे युवक को रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा. इस दौरान हाथों में जलती मशालें लेकर चलने वाले श्रद्धालु माता के जयकारे लगाएंगे. आयोजन में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों सहित अन्य प्रदेशों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
सुबह 4 बजे शुरू होगा सवारी का क्रम
परंपरा के अनुसार शाही सवारी से पहले माता का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा. इसके बाद रथ नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगा. मशालें लेकर चलने वाले भक्त और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय होगा. सवारी के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, कई भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं.
नेवज नदी के तट पर प्रकट हुई थी प्रतिमा
मंदिर के इतिहास के संबंध में लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार माता की पाषाण प्रतिमा प्राचीन काल में नेवज नदी के तट पर एक चबूतरे पर स्वत: प्रकट हुई थी. उस समय यहां आसपास कोई बस्ती नहीं थी. धीरे-धीरे आबादी बढ़ी और मंदिर नगर की संकरी गली के बीच स्थित हो गया. मान्यता है कि संत गरीबनाथ बाबा माता के अनन्य भक्त थे. संवत 1245 में तीर्थाटन करते हुए वे बड़ोदिया पहुंचे और मंदिर के समीप कुटिया बनाकर रहने लगे. ग्रामीणों के अनुसार इसी काल से माता की शाही सवारी की परंपरा शुरू हुई. श्रद्धालुओं में यह मान्यता भी प्रचलित है कि माता की प्रतिमा दिन के तीनों पहर में अलग-अलग स्वरूप के साथ दिखाई देती है.
पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू
माता के भक्त महेंद्र सोनी ने बताया कि आयोजन के तहत पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम गुरुवार से बाबा गरीबनाथ धाम स्थित मंच पर शुरू हो चुके हैं. इनमें स्थानीय और बाहरी कलाकार प्रस्तुतियां देंगे. 26 अक्टूबर को ग्रामवासी रात्रि जागरण कर माता की आराधना करेंगे. इसके बाद सुबह 4 बजे शाही सवारी निकाली जाएगी. आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और तैयारियां की जा रही है.
