
ग्वालियर। श्री सनातन धर्म मंदिर में गुरुवार को एकादशी श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान भगवान श्री चक्रधर एवं श्री गिरिराज धरण जी का मनोहारी श्रृंगार कर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों, गीता पाठ और भजन-कीर्तन हुए।
मंदिर के अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेशचंद्र गोयल ‘लल्ला’ एवं कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि एकादशी के अवसर पर ठाकुर जी की राधा रसोई में निर्मित विशेष फलाहारी व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री ने श्रद्धालुओं को पापाकुंशा एकादशी व्रत की कथा सुनाई।
सुबह महिला भक्त मंडल ने सस्वर श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया। संध्या समय भगवान चक्रधर के सानिध्य में मंदिर के नियमित भक्तों ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी। ‘श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’, ‘तलहटी गोवर्धन की रहिये’ और ‘मेरो मन लग्यो बरसाने में, जहां विराजे राधा रानी है’ जैसे भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्तों ने भावपूर्ण भजनों के माध्यम से भगवान का गुणगान किया।
एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में विराजमान श्री गिरिराज धरण जी की परिक्रमा कर अपने मनोरथ पूर्ण होने की कामना की। भक्तों ने दान-पुण्य कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि एवं आरोग्य के लिए भगवान से प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पापकुंशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, व्रत एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व है। कार्यक्रम के समापन पर भगवान की आरती की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
