नई दिल्ली, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक निमंत्रण पर भारत की दो दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। साल 2024 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग के धरातल पर ठोस रूप देने के उद्देश्य से यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री टस्क के साथ वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की समेत व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। नई दिल्ली में आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ताओं के संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री टस्क बेंगलुरु का दौरा करेंगे, जहां वे आईटी, अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक उद्योगों से जुड़े प्रमुख व्यावसायिक हितधारकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें करेंगे।
भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर विशेष जोर, रक्षा, हरित ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं
आज नई दिल्ली और कल बेंगलुरु में आयोजित होने वाले ‘भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम’ के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक विस्तृत व संतुलित बनाने पर गंभीर मंथन किया जा रहा है। भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जिसे और अधिक गति देने के लिए फार्मास्यूटिकल्स, कृषि प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग सामान और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियों पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के परिप्रेक्ष्य में पोलैंड को मध्य और पूर्वी यूरोप के बाजारों तक पहुँचने का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रवेश द्वार माना जा रहा है।
रक्षा सहयोग और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम, वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी साझा किए गए विचार
इस उच्च-स्तरीय यात्रा का एक अन्य प्रमुख पहलू भारत और पोलैंड के बीच रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयां देना है। नाटो के सदस्य देश के रूप में पोलैंड के पास उन्नत सैन्य उपकरणों के रखरखाव, आधुनिकीकरण और विशेष विनिर्माण का लंबा अनुभव है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन और मेक इन इंडिया पहलों के पूरी तरह अनुकूल है। दोनों देशों के नेता रक्षा विनिर्माण, संयुक्त अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में दोनों मित्र राष्ट्रों के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

