नई दिल्ली। वाटर प्यूरीफायर के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेड (KENT RO) ने अब घरेलू एनर्जी सेक्टर में कदम रखा है। कंपनी ने अपने नए डिवीजन ‘KENT New Energy’ की शुरुआत करते हुए लिथियम बैटरी, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर और स्मार्ट पावर बैकअप उत्पाद लॉन्च किए हैं। वाटर प्यूरीफायर और कूल (Kühl) बीएलडीसी पंखों के बाद कंपनी का यह विस्तार घरों की तीसरी महत्वपूर्ण जरूरत, भरोसेमंद एनर्जी समाधान, पर केंद्रित है।
कंपनी ने नए कारोबार के तहत दो प्रमुख उत्पाद श्रेणियां पेश की हैं। पहली, सोलर एनर्जी स्टोरेज, जो रूफटॉप सोलर वाले घरों में ऊर्जा के भंडारण और एयर कंडीशनर तथा पंप जैसे अधिक लोड वाले उपकरणों को चलाने के लिए तैयार की गई है। दूसरी, पावर बैकअप, जिसमें मौजूदा घरेलू इन्वर्टर और यूपीएस के लिए आधुनिक लिथियम बैटरियां तथा नए इन्वर्टर शामिल हैं। दोनों श्रेणियों में मोबाइल ऐप आधारित मॉनिटरिंग और स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक महेश गुप्ता ने कहा, “हमारा विजन केंट के प्रति उपभोक्ताओं के वर्षों पुराने भरोसे को आगे बढ़ाते हुए रोजमर्रा की जिंदगी की तीन अनिवार्य जरूरतों—पानी, हवा और पावर—तक अपनी भूमिका का विस्तार करना है। हमने परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने से शुरुआत की थी। अब हम उन्हें अपने घरों में ऊर्जा उत्पादन, भंडारण और प्रबंधन के लिए सक्षम बनाना चाहते हैं। सोलर एनर्जी और आधुनिक स्टोरेज तकनीक को अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाकर हमारा उद्देश्य परिवारों की दीर्घकालिक ऊर्जा लागत कम करना और भारत के ऊर्जा परिवर्तन में योगदान देना है।”
16 kWh तक की लिथियम बैटरियां, 10 साल की वारंटी
सोलर एनर्जी स्टोरेज श्रेणी में कंपनी ने 5.1 kWh, 11.8 kWh और 16 kWh क्षमता की हाई-कैपेसिटी लिथियम बैटरियां उतारी हैं। इन बैटरियों में सोलर पैनल और ग्रिड से प्राप्त ऊर्जा को स्टोर कर शाम के समय या पावर कट के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, इन बैटरियों को 6,000 से अधिक चार्जिंग साइकल के लिए तैयार किया गया है और इनके साथ 10 वर्ष की वारंटी दी जा रही है। अधिक एनर्जी स्टोरेज की जरूरत वाले घरों और अन्य परिसरों में अधिकतम 16 बैटरी पैक समानांतर रूप से जोड़े जा सकते हैं।
इसके साथ कंपनी ने सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर की विस्तृत रेंज भी लॉन्च की है। सिंगल-फेज इन्वर्टर 3 kW, 5 kW और 6 kW क्षमता में उपलब्ध हैं, जबकि अधिक ऊर्जा जरूरत वाले परिसरों के लिए थ्री-फेज श्रेणी में 10 kW, 12 kW और 15 kW के मॉडल पेश किए गए हैं।
ये इन्वर्टर सोलर, ग्रिड और बैटरी से मिलने वाली ऊर्जा को एकीकृत करके आवश्यकतानुसार आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। कंपनी के अनुसार, 3 kW का इन्वर्टर एक इन्वर्टर एसी के साथ घर की लाइटें चला सकता है, जबकि 5 kW मॉडल दो इन्वर्टर एसी, एक सबमर्सिबल पंप और लाइटिंग लोड को सपोर्ट करने में सक्षम है।
4G तकनीक और मोबाइल ऐप से होगी रिमोट मॉनिटरिंग
नई रेंज की एक प्रमुख विशेषता कंपनी का अपना सॉफ्टवेयर और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम है। प्रत्येक केंट सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर के साथ 4G डेटा लॉगर और पांच वर्ष का डेटा पैक दिया जाएगा, जिसकी कीमत उत्पाद में ही शामिल होगी।
कंपनी के KENT सेंट्रल कमांड मोबाइल ऐप के जरिए इंस्टॉलर अपने द्वारा लगाए गए सभी इन्वर्टरों की लाइव स्थिति देख सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर दूर बैठे उनकी सेटिंग्स भी बदल सकेंगे। इससे तकनीकी सेटिंग्स में बदलाव के लिए हर बार ग्राहक के घर जाने की जरूरत कम होगी।
यह तकनीक घरेलू वाई-फाई के बजाय मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल करती है, जिससे इन्वर्टर को लगातार कनेक्टेड रखने में मदद मिलती है। कंपनी के अनुसार, संबंधित डेटा भारत में स्थित केंट के सर्वरों पर स्टोर किया जाता है, जो नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की आवश्यकताओं के अनुरूप है।
₹22,000 से लिथियम बैटरी, दस वर्षों में ₹1 लाख तक बचत का अनुमान
पावर बैकअप श्रेणी में कंपनी ने 12 वोल्ट और 24 वोल्ट की लिथियम बैटरियां पेश की हैं, जिन्हें मौजूदा घरेलू यूपीएस और इन्वर्टर में पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इनकी क्षमता 1.28 kWh से 3.84 kWh तक है। बैटरियों की डिजाइन लाइफ 10 वर्ष बताई गई है और ये 90 प्रतिशत डेप्थ ऑफ डिस्चार्ज को सपोर्ट करती हैं। पारंपरिक बैटरियों के विपरीत इनमें पानी भरने की आवश्यकता नहीं होती।
उपभोक्ता KENT मोबाइल ऐप के माध्यम से बैटरी का चार्ज लेवल, एनर्जी इस्तेमाल और बैटरी की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 12 वोल्ट लिथियम बैटरी की शुरुआती कीमत ₹22,000 रखी गई है। कंपनी के आकलन के अनुसार, पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों की तुलना में इनसे दस वर्षों के दौरान ₹30,000 से ₹1 लाख तक की बचत संभव है।
कंपनी ने KENT ऑल-इन-वन इन्वर्टर भी लॉन्च किया है, जिसमें इन्वर्टर और लिथियम बैटरी को एक ही कॉम्पैक्ट यूनिट में जोड़ा गया है। इससे घरों में अलग इन्वर्टर और भारी-भरकम लेड-एसिड बैटरी रखने की आवश्यकता नहीं होगी।इसके अलावा घरेलू पावर बैकअप के लिए H1 सीरीज होम यूपीएस भी पेश किए गए हैं। ऑल-इन-वन इन्वर्टर और H1 सीरीज दोनों 1100 VA तथा 2400 VA मॉडल में उपलब्ध हैं।
महेश गुप्ता ने आगे कहा, “किसी भी परिवार के लिए भरोसेमंद पावर सप्लाई का अर्थ है रोजमर्रा की जिंदगी का बिना रुकावट चलते रहना। बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें, लोग अपना काम कर सकें और घरेलू गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहें। लिथियम बैटरियों, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टरों और घरेलू इन्वर्टरों के जरिए हम भरोसेमंद पावर बैकअप, अधिक सुविधा और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन को एक साथ ला रहे हैं। हमारा लक्ष्य इन तकनीकों को भारतीय घरों के लिए व्यावहारिक और किफायती विकल्प बनाना है।”
नोएडा में ₹250 करोड़ का निवेश, उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार
केंट आरओ ने लिथियम बैटरी और इन्वर्टर निर्माण के लिए नोएडा के सेक्टर-159 में करीब ₹250 करोड़ का निवेश किया है। छह एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्लांट में लगभग तीन लाख वर्ग फुट की पूर्ण वातानुकूलित मैन्युफैक्चरिंग सुविधा विकसित की गई है।प्लांट की मौजूदा स्थापित वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.5 गीगावाट-घंटा (GWh) है, जिसे अगले छह महीनों में बढ़ाकर 10 GWh करने की योजना है।कंपनी बैटरी निर्माण के लिए EVE और REPT जैसी टियर-1 वैश्विक कंपनियों से सीधे सेल प्राप्त कर रही है। सोलर हाइब्रिड इन्वर्टरों के लिए भी कंपनी प्रमुख टियर-1 इन्वर्टर निर्माताओं के साथ काम कर रही है।
घरेलू सोलर एनर्जी के विस्तार से बढ़ेंगे नए कारोबारी अवसर
देश में रूफटॉप सोलर और आधुनिक एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की बढ़ती स्वीकार्यता से लिथियम बैटरियों और हाइब्रिड इन्वर्टरों के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा हो रहे हैं। बाजार अनुसंधान संस्था मॉर्डर इंटेलिजेंस के अनुसार, भारत का इन्वर्टर बैटरी बाजार वर्ष 2026 में लगभग 1.31 अरब डॉलर, यानी ₹11,000 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है। वर्ष 2031 तक इसमें दोहरे अंक की दर से वृद्धि की संभावना है। इस बाजार में लिथियम-आयन बैटरियों और हाइब्रिड इन्वर्टरों की मांग अपेक्षाकृत अधिक तेजी से बढ़ने का अनुमान है।मेरकॉम इंडिया रिसर्च के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में देश में स्थापित 2.7 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता में आवासीय क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 82 प्रतिशत रही। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी घरेलू रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दे रही है।
कंपनी अपने नए उत्पादों की बिक्री मौजूदा डीलर नेटवर्क, रिटेल स्टोर और ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से करेगी। बड़े सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की बिक्री के लिए सोलर सिस्टम इंटीग्रेटर तथा ईपीसी पार्टनर्स की भी मदद ली जाएगी। ग्राहकों और इंस्टॉलरों के लिए उत्पाद प्रदर्शन, तकनीकी प्रशिक्षण और बिक्री के बाद सेवा की व्यवस्था भी की जाएगी।
केंट आरओ के बारे में
वर्ष 1999 में आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र महेश गुप्ता द्वारा स्थापित केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेड का मुख्यालय नोएडा में है। कंपनी ने भारतीय घरों में रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) आधारित जल शुद्धिकरण तकनीक को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी की मिनरल आरओ तकनीक पानी को शुद्ध करने के साथ आवश्यक खनिजों को बनाए रखने के लिए विकसित की गई है। कंपनी के अनुसार, उसके आरओ वाटर प्यूरीफायर लगभग एक करोड़ भारतीय घरों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में वाटर प्यूरीफायर, एयर प्यूरीफायर, किचन और घरेलू उपकरण तथा कूल बीएलडीसी पंखे शामिल हैं। KENT New Energy के माध्यम से कंपनी ने लिथियम बैटरी, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर और पावर बैकअप समाधान के क्षेत्र में विस्तार किया है।
