नागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष समारोह के समापन अवसर पर मंगलवार को नागपुर के ऐतिहासिक रेशमबाग मैदान में भव्य विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्र पूजा की और संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस गरिमामय समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा मुंबई में इजराइल के कॉन्सुल जनरल सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं। 1925 में विजयादशमी के दिन ही स्थापित हुए संघ ने अपने 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा और आत्म-जागरण के संकल्प को इस आयोजन में प्रमुखता से प्रदर्शित किया।
संत रविदास और स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान को किया याद, पंच परिवर्तन और स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संत रविदास, स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के सामाजिक समरसता, धार्मिक संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए महान योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जब भारत विदेशी हमलावरों के अत्याचारों से जूझ रहा था, तब संत रविदास जी ने सामाजिक सद्भाव और भक्ति का मार्ग दिखाकर समाज का हौसला बढ़ाया था। भागवत ने ‘पंच परिवर्तन’ का जिक्र करते हुए नागरिकों से अपनी संस्कृति और पहचान को पहचानने तथा स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में निहित ‘हम, भारत के लोग’ के भाव का उल्लेख करते हुए देश में एकता, नैतिकता और आत्म-जागरूकता फैलाने पर बल दिया।
भारत के पारंपरिक चरित्र को स्वीकारने और संजोने की कही बात, प्रधानमंत्री मोदी ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
संघ प्रमुख ने जोर देकर कहा कि भारत विविधता में एकता वाला देश है और हमारी सदियों पुरानी संस्कृति का मूल स्वभाव इस विविधता को स्वीकार करना व उसकी रक्षा करना रहा है। संघ का अंतिम लक्ष्य मातृभूमि के प्रति समर्पण, अनुशासन, साहस और आत्म-सं संयम के माध्यम से भारत का सर्वांगीण विकास करना है। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए पूरे देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में विजयादशमी के पावन पर्व को उल्लास, विश्वास और संकल्प की नई शक्ति का प्रतीक बताते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की।

