अमरावती, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश देश के वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक उभरती हुई बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में सामने आया है। वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान भारत के कुल ₹39,03,730 करोड़ के वैश्विक निर्यात में आंध्र प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग ₹1.77 लाख करोड़ का योगदान दिया है और देश भर के राज्यों में सातवां स्थान हासिल किया है। इस सूची में जहां गुजरात ₹9.77 लाख करोड़ के साथ शीर्ष पर काबिज है, वहीं आंध्र प्रदेश की यह छलांग दक्षिण भारतीय राज्यों के बढ़ते औद्योगिक दबदबे को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
समुद्री उत्पादों, फार्मा और तंबाकू समेत 841 प्रकार के उत्पादों का हो रहा निर्यात, अमेरिकी बाजार बना सबसे बड़ा खरीदार
आंध्र प्रदेश की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे उसका मजबूत और विविधतापूर्ण औद्योगिक आधार है, जिसके तहत दुनिया भर के विभिन्न देशों में लगभग 841 प्रकार के उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। राज्य से बाहर भेजे जाने वाले सामानों में समुद्री उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, तंबाकू, कार्बनिक रसायन, पेट्रोलियम उत्पाद, चावल और मसालों की हिस्सेदारी सबसे अहम है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिका (USA) आंध्र प्रदेश के उत्पादों के लिए सबसे बड़ा गंतव्य बनकर उभरा है, जहां अकेले ₹35,970 करोड़ मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया गया है, जो किसी भी अन्य देश की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
चीन, सिंगापुर और यूएई सहित वैश्विक बाजारों में भी मजबूत हुई पकड़, एशिया और यूरोप में फैल रहा है व्यापार का दायरा
अमेरिकी बाजार के अलावा आंध्र प्रदेश के उत्पादों की पहुंच एशियाई और यूरोपीय देशों तक भी बड़े पैमाने पर फैली है। आंकड़ों के अनुसार, चीन को ₹14,241 करोड़, सिंगापुर को ₹13,563 करोड़, बेल्जियम को ₹5,812 करोड़, संयुक्त अरब अमीरात को ₹5,190 करोड़ और रूस को ₹4,450 करोड़ के उत्पादों का निर्यात किया गया है। यह आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि आंध्र प्रदेश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी पकड़ को लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिल रहा है।

