श्योपुर: श्योपुर के ढेंगदा क्रीड़ा परिसर में एक हजार से ज्यादा महिलाओं और छात्राओं ने ह्यूमन रंगोली के जरिए भारतीय मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति बनाई। कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे होने पर कलेक्टर शीला दाहिमा की पहल पर यह आयोजन हुआ।
चीते के रंगों जैसे कपड़े पहनकर बनाई आकृति
यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत आयोजित किया गया। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने चीते के मुख के रंगों जैसे कपड़े पहनकर उसकी आकृति बनाई।
महिला शक्ति और संरक्षण का संदेश
इस आयोजन के जरिए महिला शक्ति, एकजुटता और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया गया। कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जिले में जागरूकता बढ़ेगी। मादा चीता मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई चीता ज्वाला की संतान है। मुखी भारत में जन्मी चीता की पहली पीढ़ी की पहचान है।
