
सतना : शहर को स्मार्ट बनाने का दावा करने वाला नगर निगम इन दिनों शहरवासियों को बुनियादी रोशनी भी मुहैया नहीं करा पा रहा है. नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले करीब आधे शहर की स्ट्रीट लाइटें पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं. मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों की अंदरूनी गलियों तक में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है.अंधेरे का सीधा फायदा चोर और असामाजिक तत्व उठा रहे हैं, जिससे शहर में चोरी और छीना-झपटी की घटनाओं में अचानक इजाफा हो गया है
कॉलोनियों से लेकर मुख्य मार्गों तक अंधेरा
शहर के कई प्रमुख रिहायशी इलाकों, संपर्क मार्गों और बाहरी वार्डों में खंभे तो खड़े हैं, लेकिन उन पर लगी एलईडी लाइटें महीनों से खराब हैं. स्थानीय रहवासियों का कहना है कि रात 8 बजे के बाद सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है. अंधेरे के कारण न केवल आवारा मवेशियों से टकराकर वाहन चालक घायल हो रहे हैं बल्कि रात के समय महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना भी सुरक्षित नहीं रहा है.
अंधेरे की आड़ में सक्रिय हुए चोर गिरोह
स्ट्रीट लाइटें बंद होने से पुलिस की रात्रिकालीन गश्त भी प्रभावित हो रही है और गलियों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी अंधेरे के कारण स्पष्ट फुटेज नहीं ले पा रहे हैं. इसी का फायदा उठाकर चोर सूने मकानों और दुकानों को निशाना बना रहे हैं. बीते कुछ दिनों में अंधेरे वाले इलाकों में बाइक चोरी, घरों के ताले टूटने और राहगीरों से मोबाइल छीनने की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं.
शिकायतों के बाद भी नहीं टूट रही निगम की नींद
स्थानीय नागरिकों और पार्षदों द्वारा नगर निगम के विद्युत विभाग और सीएम हेल्पलाइन में दर्जनों बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं .लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है.
वही जब इस संबंध में निगम निगम के स्ट्रीट लाइट का कार्य देख रही शिप्रा सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका.
