
सतना। नवरात्रि के पावन पर्व के अंतिम दिन शहर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. पर्व के समापन अवसर पर शहर के प्रमुख दुर्गा पंडालों और मंदिरों में भव्य हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया.
शारदीय नवरात्रि के महानवमी के शुभ तिथि पर तड़के से ही शहर भर के छोटे-बड़े सभी दुर्गा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन अनुष्ठान सम्पन्न किए गए. जिसमे भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजा अर्चना कर माता से जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के साथ पूर्णाहूति दी. पूरा शहर माता जगदंबा की भक्ति में सराबोर रहा सभी पंडाल माई के जयकारों से गुंजायमान रहे. कई पंडालों और स्थानों पर माई के भक्तों ने कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया. जिसमें हज़ारों लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया.
अंतिम दिन दर्शनार्थियों की उमड़ी भीड़
शारदीय नवरात्रि का यह पावन पर्व अपने समापन की ओर है. शहर में सजे देवी पंडालों और आकर्षक प्रतिमाएं देखने शहरीय और सुदूर गांवों से दर्शनार्थी देवी पंडालों में माई के दर्शन के लिए पहुंचे. भक्तों का उत्साह और समितियों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से शहर का माहौल भक्तिमय रहा.
सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन
अंतिम दिन शहर के मुख्य चौराहों, बाजारों और पंडालों में भक्तों का हुजूम उमड़ा यही कारण था की शहर और मुख्य बाजार में स्थिति यह थी की गाड़ियां रेंग-रेंगकर चलती नजर आईं. ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए यातायात पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन भारी वाहनों और जनसैलाब के आगे ट्रैफिक सुचारू रखना बड़ी चुनौती साबित हुआ. बाजार के कई मार्गों पर तो पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था.
जगह-जगह हुआ महाप्रसाद का वितरण
पूजा अर्चना और हवन के समापन के बाद दुर्गा पंडालों तथा प्रमुख चौराहों पर भव्य भंडारे और महाप्रसाद वितरण का आयोजन हुआ. हलवा, पूरी, चने और खीर के प्रसाद का वितरण देर शाम तक चलता रहा. श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बड़े ही भाव के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया.
