
इंदौर. शहर के ग्राम खजरानी में स्थित अयोध्यापुरी कॉलोनी की बेशकीमती जमीन हारने के मामले में कलेक्टर ने संज्ञान लिया. कलेक्टर ने जमीन से संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए चर्चा करने के आदेश दिए हैं.
शहर के ग्राम खजरानी स्थित अयोध्यापुरी कॉलोनी की चार एकड़ जमीन के मामले में जिला कोर्ट ने 8 अक्टूबर को शासन के खिलाफ फैसला सुनाया था. फैसले में कोर्ट ने 380 करोड़ रुपए मूल्य की बेशकीमती जमीन सिम्पलेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस प्रा.लि. के पक्ष में फैसला किया है. उक्त फैसले में कोर्ट ने एसडीओ एवं कलेक्टर को भी पक्षकार बनाया गया था, लेकिन दोनों अधिकारियों द्वारा कोर्ट के समक्ष शासन का पक्ष नहीं रखा गया. शासन का कोर्ट में पक्ष नहीं रखने के कारण रहवासियों एवं संस्था के खिलाफ भू माफिया प्रतीक संघवी, दीपक मद्दा 350 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन हाथ लग सकती है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने उक्त मामले में कोर्ट के आदेश एवं प्रकरण के सभी दस्तावेजों की जांच कराई है. जांच के बाद शासन की ओर से पैरवी की स्थिति के संबंध में वर्तमान तहसीलदार, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ तथा शासकीय अधिवक्ता को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया है. कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि शासन के हितों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. प्राप्त स्पष्टीकरणों तथा अभिलेखों के आधार पर आगे की विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाही की जाएगी. बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने एसडीओ , तहसीलदार और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने के निर्देश दिए हैं.
