
शुजालपुर, फ सलों को नुकसान और मानव वन्यप्राणी द्वंद्व कम करने के लिए शुजालपुर वन विस्तार क्षेत्र में कृष्णमृगों के स्थानांतरण का अभियान जारी है. सोमवार को मगरानिया और देहंडी के पास से 126 कृष्णमृगों का रेस्क्यू किया गया. 9 अक्टूबर से शुरू हुए अभियान में अब तक 663 कृष्णमृगों को कूनो अभयारण्य भेजा जा चुका है.
वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के दूसरे चरण में 2 हजार कृष्णमृगों को सुरक्षित वन्य आवास में स्थानांतरित करने का लक्ष्य है. खेतों में कृष्णमृगों की आवाजाही से फ सलों को होने वाले नुकसान को कम करना और ग्रामीणों को राहत देना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है.
विशेषज्ञों की निगरानी में रेस्क्यू…
अभियान में दक्षिण अफ ्रीकी विशेषज्ञ संस्था कंजर्वेशन सॉल्यूशंस तकनीकी सहयोग दे रही है. पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों और प्रशिक्षित मैदानी कर्मचारियों की टीम निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कृष्णमृगों को पकडऩे, उनकी देखभाल और सुरक्षित परिवहन का काम कर रही है. वन विभाग के अनुसारए पूरी प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है. जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से चल रहे अभियान में वन विभाग ने आमजन से टीम को सहयोग देने और वन्यजीवों की सुरक्षा बनाए रखने की अपील की है. यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
