हूती हमलों के बाद सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान ने हरसंभव मदद देने का किया वादा

‘ इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के महानिदेशक और सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इंडिपेंडेंट अरबिया’ को दिए एक साक्षात्कार में ईरान समर्थित हूती गुट द्वारा सऊदी अरब के क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों में तेजी आने के मद्देनजर यह बात कही है।

पाकिस्तान ‘मक्का संयुक्त रक्षा गठबंधन’ का हिस्सा है। यह एक सामूहिक रक्षा समझौता है, जिसमें सऊदी अरब और तुर्की भी शामिल हैं। इस समझौते के तहत अगर किसी एक सदस्य पर हमला होता है, तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा और अन्य सदस्य देश उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे। अब तक हालांकि सऊदी अरब पर हूती हमलों में लगातार तेजी आई है लेकिन इस्लामाबाद या अंकारा की ओर से बयान जारी करने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

श्री चौधरी ने कहा, ‘रियाद की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, सुरक्षा और सबसे बढ़कर दो पवित्र मस्जिदों (हरमैन शरीफैन) की सुरक्षा सर्वोपरि है।” उन्होंने कहा, “इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। पाकिस्तान के लिए यह एक अटल बात है इसलिए इसके लिए जो भी मदद जरूरी है, वह दी जा रही है और आगे भी दी जाती रहेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सैन्य गठबंधन अपनी मदद के स्वरूप या पैमाने का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं करते हैं।

श्री चौधरी ने हमलों के बाद पाकिस्तान में लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि पूरे समाज के साथ-साथ देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में भी गहरा गुस्सा है। उन्होंने कहा, “हमारी प्रतिक्रिया यह है कि कोई भी समझदार व्यक्ति सऊदी अरब या पवित्र स्थलों पर हमला करने या उन्हें धमकाने की बात कैसे सोच सकता है या ऐसा आभास कैसे दे सकता है कि वह इन पवित्र स्थलों को धमका रहा है?” उन्होंने कहा कि इस्लामी पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर कोई ‘अगर-मगर’ नहीं हो सकता।

उनसे जब पूछा गया कि अगर हूती हमले जारी रहते हैं, तो क्या इस्लामाबाद का समर्थन केवल रक्षात्मक ही रहेगा, तो श्री चौधरी ने कहा कि मक्का गठबंधन के तीनों सदस्य इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि इस समझौते का कोई आक्रामक इरादा नहीं है और यह पूरी तरह से रक्षात्मक है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि इस गठबंधन का उद्देश्य सामूहिक प्रतिक्रिया के ज़रिए अपने सदस्यों के ख़िलाफ़ खतरों को रोकना है।

उन्होंने कहा, “अगर यह रोकथाम काम नहीं करती है, तो तीनों देशों के पास उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करके इसे फिर से बहाल करना होगा।” सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री द्वारा ईरान को हूथी समूह से जोड़े जाने के बाद क्या इस्लामाबाद ने तेहरान को हूती हमलों को लेकर चेतावनी दी थी? श्री चौधरी ने इस सवाल पर कहा कि पाकिस्तान तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए तेहरान सहित सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है।

Next Post

बिश्नोई को मिली सुरक्षा वापस लेने की मांग करे फडणवीस सरकार: कांग्रेस

Mon Oct 19 , 2026
मुंबई, 19 अक्टूबर (वार्ता) महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को कथित तौर पर मिले कानूनी संरक्षण को वापस लेने की मांग करने का आग्रह किया है। उन्होंने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की हत्या की कथित साजिश के बाद संगठित अपराध से निपटने की […]

You May Like