
बागली/पिपरी। 22 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक पांच दिवसीय 1000 से अधिक श्रद्धालुओं की पंचकोशी यात्रा पांच विभिन्न पड़ाव के साथ संपन्न होगी इसमें मुख्य पड़ाव जयंती माता मंदिर परिसर रहेगा इस वर्ष बागली उपवन मंडल एसडीओ अंकित जामोद एवं पुंजापुरा रेंजर सत्येंद्र ठाकुर के प्रयासों से जयंती माता मंदिर जाने के पूर्व बागली उपवन मंडल क्षेत्र की सीमा रेखा खारी नदी पर लकड़ी पुल बना दिया गया है। लकड़ी पुल के बन जाने से पंचकोशी यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं को भी सुविधा हो जाएगी, पंचकोशी यात्रा से जुड़े महेश अचाले एवं गिरधर गुप्ता ने नवभारत संवाददाता सुनील योगी बताया कि बागली विधायक मुरली भंवरा के प्रयास के साथ-साथ बागली उपवन मंडल अधिकारी पूंजा पूरा रेंजर और रतनपुर बीट के डिप्टी रेंजर तथा वनरक्षक की मेहनत से खारी नदी पर लकड़ी पुल बनकर तैयार हो गया जो खुशी की बात है। हमारी समिति की ओर से सभी जवाबदार कर्मचारियों का आभार विशेष कर रतनपुर बीट से जुड़े डिप्टी रेंजर मुकेश तंवर एवं वनरक्षक हरिश परमार तथा उनके साथी मजदूरों द्वारा लकड़ी पुल का निर्माण करके पंचकोशी यात्रा को आसान बना दिया है। वेसे भी अब यह लकड़ी पुल बारिश आने तक बागली क्षेत्र से जाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर दर्शन करने में मददगार साबित होगा।
