
इंदौर. इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में अब तक 46 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है. आरोपी, उसके परिवार, सहयोगियों और फर्म के नाम पर खरीदी गई इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ एक लाख रुपए से अधिक आंकी गई है. वहीं, इनकी गाइडलाइन कीमत 17 करोड़ 19 लाख रुपए से अधिक है. जांच में आरोपी द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर कुल 18 करोड़ 79 लाख 79 हजार 531 रुपए व्यय किया जाना पाया है.
लोकायुक्त पुलिस ने पिछले दिनों 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी. इसके बाद विवेचना में पूर्व से ज्ञात संपत्तियों के अतिरिक्त कई अन्य जमीनों की जानकारी मिली है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है. इनमें इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कृषि भूमि के कई सौदे शामिल हैं. इसके अलावा जुलाई 2024 में ग्राम लसूड़िया मोरी, वार्ड क्रमांक 35 में रेड कारपेट के पीछे 11.7710 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है. इसकी गाइडलाइन कीमत 3 करोड़ 85 लाख रुपए बताई गई है. जांच में पता चला है कि संबंधित जमीनें स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से खरीदी गईं. यह फर्म आरोपी की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार, पिता रविकांत पंवार, के संयुक्त नाम से संचालित होना पाई गई है. लोकायुक्त इस फर्म और इससे जुड़े लेन-देन के संबंध में अतिरिक्त जानकारी जुटा रहा है. अब तक सामने आई अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत 17,19,46,323 रुपए और वर्तमान बाजार कीमत 64,01,11,768 रुपए आंकी गई है. मामले में संपत्तियों के सत्यापन की कार्रवाई जारी है. एसपी लोकायुक्त का कहना है कि सर्च कार्रवाई के बाद जांच में आरोपी की पूर्व से ज्ञात संपत्तियों के अतिरिक्त अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है. इनका सत्यापन किया जा रहा है, संबंधित फर्म के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है.
