नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (वार्ता) इसी सप्ताह शुरू हो रहे ‘भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2026’ (बीआईआरसी) में दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित जैसे कई देशों के करीब 150 से अधिक 4,649 अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंच रहे हैं। बीआईआरसी की यहां जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गयी है कि इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस दूसरे वैश्विक चावल सम्मेलन में बीते साल की तरह, इस साल भी देशी-विदेशी खरीदारों की बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देशभर के चावल किसानों, मिलर्स और निर्यातकों को नए कारोबारी अवसर मुहैया कराना है।
इस सम्मेलन को 23 से 25 अक्टूबर यहां के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित कई राज्यों से उद्योग प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग के अनुसार सम्मेलन इसमें सबसे अधिक भागीदारी महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की है। उल्लेखनीय है कि वैश्विक चावल बाजार पैदावार के बदलते रुझानों, मौसम, मांग में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय कीमतों से प्रभावित हो रहा है। इन्हीं विषयों पर विचार-विमर्श के लिए 23 और 24 अक्टूबर को नौ खास सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन में टॉप टेन मार्केट 2027 नाम से एक रिपोर्ट भी जारी की जायेगी। इसमें भारतीय बासमती और गैर-बासमती चावल के लिए दस संभावनाशील अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पहचान की जाएगी। अन्य सत्रों में निर्यात भुगतान और बीमा, समुद्री मालभाड़ा, गुणवत्ता एवं प्रमाणन और मूल्यवर्धित चावल उत्पादों के बाजार अवसरों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन के ग्लोबल राइस आर्काइव में विभिन्न देशों की लगभग 200 किस्मों के चावल रखे गए हैं। साथ ही राइस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चावल से जुड़ी संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का प्रदर्शन होगा। इसमें 50 से अधिक देशों के व्यंजन, 25 से अधिक प्रकार की बिरयानी, शेफ प्रतियोगिताएँ और परिवारों के लिए मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में आयोजित पहले भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में कुल 10,854 आगंतुकों ने भाग लिया था, जिनमें 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल थे।

