इंदौर: शहर में नगर निगम द्वारा जलसंकट से निपटने की योजना बना ली गई है. निगम आगामी दो महीने में 40 एमएलडी अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत शहर में चार नई नर्मदा टंकियों से जलप्रदाय शुरू करने और यशवंत सागर के पंप बदलकर ज्यादा पानी देने की व्यवस्था पर कम करना शुरू कर दिया है. निगम जनवरी के पहले शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की किल्लत के अनुसार 100 बोरिंग भी करेगा. साथ ही 71 नए हाइड्रेंड बनाने एवं पानी बचाने का जन जागरूकता अभियान भी चलाएगा.
इस साल बारिश कम होने के कारण आगामी दो महीने बाद शहर में जलसंकट होना तय है. इसको लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है. अगले दो महीने में शहर को पानी की आपूर्ति के लिए प्राथमिकता पर काम शुरू कर दिया है. नगर निगम ने शहर के विभिन्न वार्डो में जल समस्या होने पर तुंरत बोरिंग कर पानी की व्यवस्था करने का प्लान बनाया है. दूसरी ओर निगम को नर्मदा गंभीर लिंक योजना से यशवंत सागर तालाब भरने के सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है. निगम द्वारा यशवंत सागर में पानी सप्लाई के पंप बदलने का टेंडर अगले हफ्ते जारी कर दिया जाएगा. इसके अलावा नगर निगम बिजलपुर फलबाग के संपवेल को दिसंबर में शुरू करने में जुट गया है, जिससे पश्चिम क्षेत्र की टंकियों में अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा.
नगर निगम द्वारा 100 सौ बोरिंग के कार्य आदेश जारी कर दिए है, शहर में पानी की ज्यादा समस्या होने पर तुंरत बोरिंग किया जाएगा. साथ ही दो सौ बोरिंग के टेंडर ओर जारी किए जा रहे हैं, जहां पानी अच्छा मिलने पर दो बोरिंग ओर करके हाइड्रेंड बनकर टैंकर भरने की व्यवस्था की जाएगी.नगर निगम की नर्मदा की चार टंकी आजाद नगर, मुसाखेड़ी, डीएवीवी और नवलखा से दिसंबर में पानी देना शुरू कर देगा. चारों टंकियों की जल वितरण लाइन डल चुकी है. दिवाली बाद लाइनों का टेस्टिंग शुरू हो जाएगा.
नगर निगम द्वारा कृषि कॉलोनी की सीधी सप्लाई बंद करके वितरण लाइन से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है. साथ ही निगम ने शहर कर चारों क्षेत्रों में लाइन लीकेज होने पर तुरन्त कम करने के लिए टीमें बनाई है.निगम द्वारा रहवासियों और आमजन से पानी के उपयोग और पानी बचाने का प्रयास करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलने की योजना तैयार कर ली है. निगम के सभी 22 झोनल कार्यालय द्वारा क्षेत्र में पानी को लेकर उक्त अभियान में आग्रह ओर अपील की जाएगी.जल प्रभारी अपर आयुक्त आशीष कुमार पाठक ने बताया कि हमारा चार बिंदुओं पर लक्ष्य है. जलसंकट से निपटने के लिए 100 बोरिंग, यशवंत सागर के नए पंप डालना है. इसके अलावा चारों टंकियों से जलप्रदाय शुरू करना एवं 71 नए हाइड्रेंड बनाना ताकि टंकियों से टैंकर नहीं भरना पड़े. उक्त कार्य योजना दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी. फल बाग बिजलपुर का संपवेल शुरू कर पश्चिम क्षेत्र की टंकियों को भरा जाएगा, जिससे पानी सप्लाई आसानी होगी.
आगामी दिनों में नगर निगम तैयारी…
1. शहर में डीएवीवी, आजाद नगर, नवलखा सहित एक अन्य नर्मदा टंकी दिसंबर तक शुरू करना.
2. यशवंत सागर तालाब के पम्प बदलना और 5 एमएलडी पानी बढ़ाना.
3. शहर में जरूरत के अनुसार 100 बोरिंग करने के कार्य आदेश जारी.
4. 71 नए हाइड्रेंड बनाना और टैंकरों से सप्लाई करना.
5. फल बाग बिजलपुर में निर्मित सम्पवेल को दिसंबर में शुरू करना.
6. 200 बोरिंग के टेंडर जल्दी जारी होंगे, किल्लत होने पर तुंरत बोरिंग कर पानी देना.
7. कृषि कॉलोनी नर्मदा टंकी की सीधी सप्लाई बंद कर वितरण लाइन शुरू करना.
8. शहर में उपयोग और जन जागरूकता द्वारा 20 एमएलडी पानी बचाने का लक्ष्य.
