
जबलपुर। फर्जी पासपोर्ट कांड की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। एटीएस की एंट्री के साथ पुलिस ने भी हर एंगल पर तफ्तीश शुरू कर दी है। एक टीम नागपुर पहुंच गई है जहां पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट बनवाने के बाद शमीम कबाड़ी ने दुबई में फरारी काटी थी यहां से पुलिस अहम दस्तावेजों एवं अन्य जानकारियां जुटाई रही है। इसके अलावा दूसरी टीम हैदराबाद गई है। दुबई से फरारी काटने के बाद आरोपित यहां के एयरपोर्ट पर उतरा था। एयरपोर्ट से भी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही है। तीसरी टीम भोपाल गई है जहां भी इसी प्रकरण को लेकर तफ्तीश की जा रही है। जबकि चौथी टीम आरोपित से पूछताछ में जुटी है। जाली पासपोर्ट कैसे बना और किस -किस ने उसकी मदद की। फरारी के दौरान फंडिंग किसने की और आश्रय किसने दिया समेत अ न्य बिन्दुओं पर पुलिस की खोजबीन जारी है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े और फरारी कटवाने में शमीम के मद्दगारों की पूरी कुंडली भी तैयार कर रही है जिसके बाद उन्हें भी प्रकरण में आरोपित बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2024 को खजरी खिरिया बाईपास स्थित कबाडख़ाने में भीषण विस्फोट हुआ था। जिसमें कारखाना ध्वस्त हो गया था। हादसे में दो कर्मियों के चीथड़े उड़ गए थे और भोलाराम भूमिया, खलील चच्चा की मौत हो गई थी। मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस ब्लास्ट कांड के बाद सेना से लेकर खूफिया एजेंसियां तक सक्रिय हुई थी। शमीम के पुत्र फहीम एवं करीबी सुल्तान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लेकिन हाजी शमीम फरार हो गया था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि आपराधिक रिकॉर्ड के चलते 2019 में निरस्त पासपोर्ट क्रमांक एम 8193292 को का विवरण छुपाते हुयेे उसने अपने जन्मतिथि ,पत्नी का नाम और माता का नाम बदलकर 2022 में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय नागपुर से नया पासपोर्ट क्रमांक डब्ल्यू 2289081 बनावा लिया था। जिसके जरिए वे फरार होकर दुबई भाग गया था। आरोपी को कोर्ट से राहत मिलने के बाद मामले में अधारताल पुलिस ने शमीम कबाड़ी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर गुरूवार को उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ और आगे की पड़ताल के लिए शमीम को पुलिस चार दिन की रिमांड पर लेकर जांच पड़ताल कर रही है। शुक्रवार को भोपाल से जबलपुर पहुंची एटीएस ने 57 वर्षीय शमीम से पूछताछ की है। एटीएस की कार्रवाई को फिलहाल गोपनीय रखा गया है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही मामले में बड़े खुलासे हो सकते है।
