नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को आगामी ‘खेत बचाओ अभियान’ की तैयारियों को लेकर विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
बैठक में अभियान की गतिविधियों, रणनीति और जनभागीदारी से जुड़े लक्ष्यों पर चर्चा की गई। इस अभियान का उद्देश्य किसानों में उन्नत कृषि के तरीकों, संसाधनों के कुशल उपयोग, टिकाऊ खेती तथा केंद्र सरकार की विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाओं के संबंध में जागरूकता लाना है।
अभियान के अंतर्गत पैदावार बढ़ाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने से संबंधित गतिविधियां की जाएंगी। अभियान के प्रमुख विषयों में फसल अवशेष प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा तिलहन एवं दलहन फसलों को बढ़ावा देना शामिल हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली, कृषि यंत्रीकरण और पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग, ग्रीन अमोनिया एवं जैविक आदानों के उपयोग, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, अंतरफसली खेती तथा उपयुक्त फसलों और किस्मों को अपनाने के संबंध में जागरूकता पैदा की जाएगी। धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों के प्रभावी उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने सभी राज्यों से अभियान को सफल बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इसे पूरी गंभीरता से लागू करना चाहिए। राज्य अपनी सुविधानुसार और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अभियान की गतिविधियों की तिथियां निर्धारित कर सकते हैं।
अभियान के दौरान किसान पहचान पत्र, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, व्यापार समझौतों के लाभ, किसान क्रेडिट कार्ड के पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने तथा बीज वितरण जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रों के वितरण और किसानों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण पहलों के संबंध में जागरूकता गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों को उपलब्ध सुविधाओं, आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहायता की जानकारी मिल सके।
बैठक के दौरान अभियान के तहत प्रस्तावित जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत योजना के अनुसार, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, दोनों के लिए 50-50 लाख प्रतिभागियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों और आत्मा केंद्र को मिलाकर कुल 4,150 टीमों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 12,000 से अधिक वैज्ञानिकों और एटीएमए के अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के अभियान से जुड़ने की अपेक्षा है। ये कृषि वैज्ञानिक और विस्तार कार्यकर्ता किसानों के साथ सीधे संवाद, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान को प्रभावी बनाने में योगदान देंगे। अभियान के दौरान प्रतिदिन औसतन दो कार्यक्रम, आयोजन अथवा बैठकें आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार अभियान की अवधि में कुल 1.5 लाख बैठकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार और महाराष्ट्र के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्रा तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी उपस्थित रहे।

