दिल्ली में खाद्य सुरक्षा पर सरकार सख्त, देसी घी के 59 नमूनों में 19 असुरक्षित पाये गये

नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करना और मिलावट के जरिए लोगों की सेहत को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को बाजारों, भंडारण केंद्रों और ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। अभियान का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही दिल्लीवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। जनस्वास्थ्य की रक्षा और खाद्य कारोबार में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों, डार्क स्टोर्स और खाद्य भंडारण केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई परिसरों में एक्सपायरी खाद्य उत्पाद, कीटों की मौजूदगी, अस्वच्छ भंडारण और कोल्ड स्टोरेज का निर्धारित तापमान बनाये रखने में खामियां मिलीं। वहीं, बाजारों से लिए गये देसी घी के 59 नमूनों की जांच में 19 नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित और चार नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाये गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण में उत्तम नगर स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के परिसर में एक्सपायरी अवधि पार कर चुके फ्रोजन हरी मटर, ग्रीक योगर्ट, एगलेस चॉकलेट-चिप ब्राउनी और गाय के घी के उत्पाद मिले। कुछ अंकुरित अनाज, फल और सब्जियों के पैकेटों पर एक्सपायरी तिथि भी अंकित नहीं थी। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के परिसर में मक्खियां, मच्छर, छिपकली और मकड़ी के जाले मिले। इसके अलावा सफाई संबंधी निर्धारित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। घेवरा स्थित जोमैटो हाइपरप्योर के परिसर में एक्सपायरी कोक डाइट और नेस्ले शिकंजी के उत्पाद पाये गये, जबकि वहां स्वच्छता संबंधी कमियां भी दर्ज की गयी।

इसी तरह झील खुरेजा स्थित जेप्टो के परिसर में कोल्ड स्टोरेज का तापमान निर्धारित स्तर पर बनाए रखने में कमी मिली। वहां कॉकरोच, मकड़ी के जाले, गंदे और जंग लगे रैक तथा फर्श पर रखे खाद्य पदार्थ पाये गये। कुछ खाद्य उत्पाद खराब हो चुके उत्पादों के ऊपर रखे गये थे और दीवारों की सतह भी उखड़ रही थी। ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के आसफ अली रोड और दरियागंज स्थित परिसरों में गंदे क्रेट और खाद्य भंडारण क्षेत्रों में धूल जमा मिली। रोहिणी स्टोर में भी खाद्य पदार्थों को इस तरह अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं थी, जिससे एक उत्पाद से दूसरे में संदूषण का खतरा रोका जा सके। विभाग ने निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किये और संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए सुधार संबंधी नोटिस जारी किए। देसी घी के नमूनों की जांच में हरियाणा लाइट, हरियाणा सुप्रीम, हरियाणा डेयरी, हरियाणा प्योर, श्री हरियाणा किंग, श्री हरियाणा फूड्स, करतार, प्रभास, मधु संगम, राधा कृष्णा, न्यू पंजाब सुपर ब्रांड, अक्षरा, आनंद गोल्ड, श्री नंदन, श्री मोहन और श्री कृष्णा सहित विभिन्न ब्रांडों के नमूनों को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। विभाग ने नोवा, गोवर्धन प्योर गाय का घी और प्रताप देसी घी के नमूनों को उपमानक बताया है।

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