रियाद, 16 अक्टूबर (वार्ता) सऊदी अरब ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस कदम का स्वागत किया, जिसमें उसने देश के नागरिक ठिकानों, हवाईअड्डों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों के साथ-साथ लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजरानी को दी जा रही धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि वह हूती विद्रोहियों को हथियार हासिल करने से रोकने के लिए आपसी सहयोग के परिषद के आह्वान का स्वागत करता है। मंत्रालय ने कहा, ” हम नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों का मुकाबला करने में सुरक्षा परिषद की एकजुटता की सराहना करते हैं। ”
परिषद के सदस्यों ने गुरुवार को सऊदी अरब के खिलाफ बढ़ते हूती हमलों की ‘कड़े से कड़े शब्दों में’ निंदा की और देश के ‘आत्मरक्षा के अंतर्निहित अधिकार’ का पुनः समर्थन किया।
सुरक्षा परिषद के अध्यक्षीय बयान में राजधानी स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 10 और 11 अक्टूबर को हुए भीषण हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। बयान के मुताबिक, इन हमलों में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने गुरुवार को बताया कि हूतियों ने एक अक्टूबर से अब तक इस हवाईअड्डे पर 20 बार हमले किए हैं।
परिषद सदस्यों ने सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डों और ‘सऊदी अरामको’ के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ताबड़तोड़ हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में नागरिक उड्डयन और ऊर्जा ढांचे को सीधे निशाना बनाया गया, जिससे कई आम नागरिकों की जान गई और भारी संख्या में लोग घायल हुए।
यह बयान बढ़ते संकट पर सुरक्षा परिषद की ओर से एक मजबूत प्रतिक्रिया को दर्शाता है। अध्यक्षीय बयानों के लिए सभी 15 परिषद सदस्यों की सहमति की आवश्यकता होती है और इन्हें सार्वजनिक बैठक में औपचारिक रिकॉर्ड के रूप में पढ़ा जाता है।
परिषद के इस ताजा बयान में सात अगस्त और 18 सितंबर को जारी किए गए पिछले बयानों का भी संदर्भ दिया गया, जिनमें हूतियों से अपनी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकने तथा नागरिकों और नागरिक वस्तुओं पर हमले बंद करने का आह्वान किया गया था।
