ओडिशा चुनाव आयोग 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए घर-घर जाकर मतदाता सर्वे शुरू करेगा

राज्य चुनाव आयुक्त मधुसूदन पाधी ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि मसौदा मतदाता सूची एक जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जायेगी जबकि अंतिम सूची 10 फरवरी को दावा और आपत्तियों के निपटारे के बाद जारी की जायेगी।

श्री पाधी ने कहा कि मतदाताओं के पास मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद अपनी जानकारी सत्यापित करने और दावा या आपत्तियां जमा करने के लिए 20 दिन का समय होगा।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एक घर के सभी पात्र मतदाता एक ही वार्ड और मतदान केन्द्र की मतदाता सूची में लगातार सूचीबद्व हों, ताकि परिवार के सदस्य और एक ही इलाके के रहने वाले एक ही मतदान केन्द्र पर अपने मतदान का इस्तेमाल कर सकें।

प्रस्तावित प्रणाली के तहत हर घर को एक खास मकान नंबर दिया जाएगा, जो वहां रहने वाले सभी योग्य मतदाताओं के नाम से जुड़ा होगा। इस पहल का मकसद मतदाता रिकॉर्ड में गड़बड़ियों को कम करते हुए मतदाता सूची को ज़्यादा व्यवस्थित और सही बनाना है।

आयोग ने राजनीतिक पार्टियों से अपील की है कि वे इस काम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोगों की भागीदारी को आसान बनाने के लिए बूथ-लेवल एजेंट (बीएलओ) नियुक्त करें।

बीएलओ , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता , जलसाथी, स्वच्छ साथी और आशा कार्यकर्ता घरों में जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे और मतदाता सूची की जानकारी सत्यापित करेंगे। पंचायत कार्यकारी अधिकारी , बीएलओ सुपरवाइजर, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरआर) को अलग-अलग स्तर पर इसे लागू करने और निगरानी करने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी।

आयोग के अनुसार एक जनवरी को मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद मतदाता तय समय में अपने नाम और दूसरी जानकारी की जांच कर सकेंगे तथा आपत्ति उठा सकेंगे या सुधार करवा सकेंगे। आयोग ने ग्रामीण, शहरी और नगर निगम इलाकों में नाम शामिल करने, सुधारने और हटाने के लिए अलग-अलग फॉर्म तय किए हैं।

ग्रामीण इलाकों में नाम जोड़ने या ठीक करने के लिए फाॅर्म 16 का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि शहरी इलाकों में फॉर्म तृतीय और नगर निगम इलाकों में फॉर्म सात इसी काम के लिए होगा। उन्होंने बताया कि नाम हटाने के लिए आपत्तियों के लिए ग्रामीण इलाकों के लिए फॉर्म 17, शहरी इलाकों के लिए फाॅर्म चार और नगर निगम इलाकों के लिए फॉर्म आठ तय किया गया है।

श्री पाधी ने कहा कि तय समय के दौरान मिले दावों और आपत्तियों की जांच तय नियमों के मुताबिक एईआरओ और ईआरओ सही कार्रवाई करेंगे। आयोग का उद्देश्य तय समय में मतदाता सूची का सर्वे और उसके बाद का पुनरीक्षण पूरा करना है, जिससे 2027 के पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने का रास्ता साफ हो सके।

 

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