उज्जैन। एलिवेटेड ब्रिज बनने से आने वाले समय में शहरवासियों और श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है, फिलहाल इन विकास कार्यों और बस स्टैंड की व्यवस्था में बदलाव के कारण आम यात्रियों, बस ऑपरेटरों और ऑटो चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।देवास गेट बस स्टैंड बंद होने के बाद यहां से संचालित होने वाली बसों को नानाखेड़ा बस स्टैंड पर स्थानांतरित किया गया है। इससे नानाखेड़ा बस स्टैंड पर बसों का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शाजापुर और तराना की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को शहर के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, नानाखेड़ा क्षेत्र में ऑटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई और 10 हजार रुपये के चालान बनाए जाने को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।
यदि प्रशासन अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था करता है तो यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है। साथ ही, बस ऑपरेटरों को भी बसों के संचालन और पार्किंग में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।हालांकि, वैकल्पिक बस स्टैंड के लिए स्थान का चयन यातायात, सुरक्षा, पार्किंग की उपलब्धता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक होगा। देवास गेट बस स्टैंड बंद होने के बाद नानाखेड़ा बस स्टैंड पर बसों की संख्या बढ़ गई है। पहले नानाखेड़ा और देवास गेट, दो अलग-अलग स्थानों से यात्री बसों का संचालन होता था। अब देवास गेट से आने वाली बसों का दबाव भी नानाखेड़ा पर पड़ रहा है। इस बदलाव का असर केवल बस ऑपरेटरों और यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि ऑटो चालकों पर भी दिखाई देने लगा है। ऑटो चालकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और 10 हजार रुपये के चालान को लेकर नाराज ऑटो चालक आरटीओ कार्यालय पहुंचे।
आगर शाजापुर-तराना रूट पर वैकल्पिक बस स्टैंड
देवास गेट बस स्टैंड बंद होने के बाद नानाखेड़ा बस स्टैंड पर यात्री बसों का दबाव बढ़ गया है। इसका असर विशेष रूप से आगर,शाजापुर और तराना की ओर से आने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। इन क्षेत्रों से आने वाले कई यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए स्थानीय परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। शहर के भीतर अतिरिक्त दूरी तय करने के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों और बस ऑपरेटरों की मांग है कि शाजापुर और तराना की ओर से आने वाली बसों के लिए अस्थायी रूप से अलग बस स्टैंड बनाया जाए
