नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन मीडिया खबरों पर स्पष्टीकरण दिया है जिनमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह सचिव ने अवमानना नोटिस के जवाब में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है।
गृह मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा है कि अवमानना नोटिस के जवाब में दाखिल हलफनामे की शुरुआत बिना शर्त माफी के साथ करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके बाद ही अन्य तथ्य और दलीलें पेश की जाती हैं।
मंत्रालय के अनुसार, गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से दाखिल हलफनामों के पहले पैरा में इसी प्रक्रिया का पालन किया गया है।
स्पष्टीकरण में कहा गया है कि हलफनामे में आगे विस्तृत तथ्य दिए गए हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि सरकार और पुलिस ने सभी कार्रवाई कानून के अनुरूप की है। मंत्रालय के मुताबिक, उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का कोई मामला नहीं बनता।