छिंदवाड़ा: मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और कभी ठंड तो कभी गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढऩे लगा है। जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, जिले में स्वाइन फ्लू के तीन और डेंगू के 15 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने इन बीमारियों की रोकथाम की चुनौती भी है।
छह दिनों में मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव अस्पताल में मरीजों की संख्या के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को 1022, शुक्रवार को 996 और शनिवार को 369 मरीज पहुंचे। इसके बाद सोमवार को मरीजों की संख्या बढ़कर 1348 तक पहुंच गई। मंगलवार को 1268 और बुधवार को 1232 मरीज अस्पताल पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को सबसे अधिक मरीज दर्ज किए गए। हालांकि, शनिवार को मरीजों की संख्या में कमी दर्ज हुई, लेकिन अगले कार्यदिवसों में संख्या फिर एक हजार से अधिक रही। मरीजों की संख्या में यह उतार-चढ़ाव अस्पताल में लगातार बनी हुई भीड़ की स्थिति को दर्शाता है।
स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीज भी सामने आए
मौसमी बीमारियों के बीच स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वाइन फ्लू के तीन और डेंगू के 15 मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बुखार, उल्टी-दस्त या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
साफ-सफाई और सावधानी जरूरी
डॉ अजय राजपूत का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साफ पानी का सेवन करें, आसपास पानी जमा न होने दें और घरों के आसपास सफाई बनाए रखें। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना जरूरी है। वहीं, तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त या कमजोरी होने पर लापरवाही न बरतें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है
