इस दौरान वह नक्सल हिंसा और बारूदी सुरंग विस्फोटों में दिव्यांग हुए लोगों से संवाद करेंगे तथा शिविर में उपस्थित हितग्राहियों को संबोधित करेंगे।
आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन करली में तीन दिवसीय शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। शिविर का उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाना है।
शिविर के लिए दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांग हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा जिले के 62 हितग्राही शामिल हैं। विशेष रूप से नक्सली घटनाओं के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोटों में दिव्यांग हुए 30 व्यक्तियों को भी सहायता प्रदान करने की तैयारी की गई है।
शिविर में हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, तिपहिया साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित अन्य सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उनकी गतिशीलता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिविर के दौरान नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, वर्तमान परिस्थितियों और आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शिविर में उपस्थित रहकर हितग्राहियों से संवाद करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर को सुकमा और बीजापुर जिलों के दिव्यांगजनों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राहियों को शिविर में शामिल किया जाएगा। इसके अगले दिन 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के चिन्हांकित हितग्राहियों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। शिविर 17 अक्टूबर तक संचालित होगा।
प्रशासन के अनुसार, इस पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को चलने-फिरने, दैनिक कार्यों के निष्पादन और आजीविका संबंधी गतिविधियों में अधिक सुविधा मिल सकेगी।
