सिंगरौली : शहर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए संचालित अमृत जल योजना के कार्यों में जुटे पांच कर्मचारियों को छ: महीने से वेतन नहीं मिला है।
कर्मचारियों का आरोप है कि तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मेहनताना नहीं दिया जा रहा। वेतन के अभाव में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। किसी कर्मचारी का बिजली कनेक्शन कट चुका है, तो किसी के बच्चों की फीस जमा नहीं होने पर स्कूल से नाम काटने का संदेश मिल रहा है। नगर निगम कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक शिकायत करने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ।
आखिरकार परेशान कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। अब सवाल है कि छ: महीने तक कर्मचारियों की मेहनत का भुगतान नहीं होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रभावित कर्मचारियों में शिवकुमार यादव, हनुमान मंदिर गनियारी-2 पानी टंकी, निकेश कुमार नाई, हरई पानी टंकी, जितेंद्र प्रसाद वर्मा, ढोटी पानी टंकी, चंदन कुमार निराला, बनौली पानी टंकी और फिटर विष्णु यादव शामिल हैं। कर्मचारियों के मुताबिक कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर बकाया वेतन की मांग की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
किसी का बिजली कनेक्शन कटा, बच्चों की फीस भी बकाया
छ: महीने से आय बंद होने के कारण कर्मचारी घरेलू खर्च चलाने और उधार चुकाने में असमर्थ हैं। बच्चों की फीस जमा नहीं हो पा रही है और बिजली बिल का भुगतान भी नहीं कर सके। कर्मचारियों ने प्रशासन से बकाया वेतन दिलाने की मांग की है। अमृत जल योजना में पानी की टंकियों और जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में भुगतान का मामला केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों की पेयजल सुविधा से भी जुड़ा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित कंपनी बकाया भुगतान कब करती है और नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है। श्रमिको ने निगमायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया है।
दिन भर नही पहुंचा कई मोहल्लो में पानी
नगर निगम के कई मोहल्लों में आज मंगलवार को अमृत जल योजना के तहत पानी की जलापूर्ति नही की गई। यहां पर कार्यरत श्रमिको ने बताया कि छ: महीने से पारिश्रमिक भुगतान नही मिला है। ठेकेदार बहानेबाजी मारता है। जिसके चलते बनौली, हर्रई, ढोटी में पानी चालू नही की गई। श्रमिक ने ठेकेदार पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और कहा कि 8 हजार रूपये प्रतिमाह पगार देने में ठेकेदार टालमटोल करता है।
