इंदौर:इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है. टीही से धार के बीच करीब 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है. टीही के पास लगभग 3 किलोमीटर लंबी टनल बनकर तैयार हो चुकी है और इसके भीतर 2,957 मीटर में बैलास्टलेस ट्रैक भी बिछाया जा चुका है. अब टनल में विद्युतीकरण, रोशनी और एग्जॉस्ट फैन लगाने सहित कुछ काम बाकी हैं. रेलवे का लक्ष्य अक्टूबर 2026 के अंत तक इस रेलखंड का निर्माण पूरा करने का है.
सीआरएस निरीक्षण की तैयारियों के बीच 12 और 13 अक्टूबर को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीथमपुर से धार तक ट्रॉली से निरीक्षण किया. मुख्य अभियंता विकास कुमार और धीरज कुमार ने ट्रैक, ओवरहेड विद्युतीकरण, पुलों, अंडरपास, स्टेशनों और प्लेटफॉर्म की स्थिति देखी. निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर कर शेष काम निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया गया.
टनल तैयार, अंतिम काम बाकी
टनल के दोनों छोर पर रेलवे लाइन जोड़ने के लिए फाउंडेशन संबंधी काम जारी हैं. पीथमपुर से धार के बीच सिग्नलिंग और विद्युतीकरण का 96 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. टनल के दोनों मुहानों तक ओएचई पोल और कैंटिलीवर भी लगाए जा चुके हैं.
धार तक रेल पहुंचने की उम्मीद को मिलेगी गति
इंदौर से टीही तक करीब 21 किलोमीटर रेलखंड वर्ष 2016-17 में ही कमीशन हो चुका है. अब टीही-धार खंड का निर्माण पूरा होना परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम होगा. हालांकि, निर्माण पूरा होने के बाद भी रेल परिचालन के लिए सीआरएस निरीक्षण और जरूरी मंजूरियां महत्वपूर्ण होंगी. ऐसे में फिलहाल सबकी नजर अक्टूबर के अंत तक निर्माण पूरा होने और इसके बाद निरीक्षण की प्रक्रिया पर है
