छिंदवाड़ा: जिले के चांदामेटा में दो साल की बच्ची की मौत के मामले में परिजनों ने स्टेशन रोड स्थित एक निजी क्लीनिक के डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने परासिया थाने में लिखित शिकायत देकर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराने के बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
निमोनिया होने पर निजी क्लीनिक में कराया था इलाज
मामला चांदामेटा के वार्ड नंबर-1 में राधाकृष्ण मंदिर के पास रहने वाले गौरव कुमार टेकाम के परिवार से जुड़ा है। उनकी दो साल की बेटी यशवी परिवार की इकलौती संतान थी। परिजनों के मुताबिक, बच्ची को निमोनिया होने पर 8 अक्टूबर को स्टेशन रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले जाया गया था। उस समय बच्ची के साथ उसकी मां शिवानी के अलावा बहन सोनम धुर्वे और सोनू धाकड़ भी थे।
दवाइयों के बिल नहीं देने का भी आरोप
शिकायतकर्ता शिवानी का आरोप है कि डॉक्टर ने जांच के बाद पर्चे पर दवाइयां लिखीं। परिजनों ने ये दवाइयां क्लीनिक के सामने स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदी थीं। शिवानी के अनुसार, दवाइयां देने के बाद मेडिकल स्टोर से बिल भी नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि दवाइयों के सेवन के बाद बच्ची की अचानक मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण
बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही चल सकेगा।
