ग्वालियर: अचलेश्वर न्यास ट्रस्ट के चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर हो सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अचलेश्वर न्यास ट्रस्ट के चुनाव वर्ष 2017 से नहीं हो सके थे। इसके खिलाफ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा एक आदेश पारित किया गया कि11 अक्टूबर को न्यास के चुनाव कराएं जाएं।
प्रशासन द्वारा 11 अक्टूबर को शांतिपूर्ण रूप से मतदान कराया गया। अध्यक्ष पद पर चार दावेदार चुनाव मैदान में थे। राजेश एरन 89 मतों से विजयी घोषित किए गए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अचलेश्वर न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार जिसमें राजेश ऐरन, राजीव चड्डा, रवि शंकर गोयल एवं डॉ श्याम पाठक चुनाव मैदान में उतरे। प्रशासन द्वारा जो मतपत्र जारी किया गया उसमें अध्यक्ष पद के दावेदार डॉक्टर श्याम पाठक के नाम के नीचे उनके संस्थान का उल्लेख किया गया था जबकि किसी भी मतपत्र में इस प्रकार का उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए।
इस संबंध में जब मंदिर के सदस्यों को मालूम हुआ तो कुछ सदस्यों द्वारा इसे हाई कोर्ट में ले जाने की जानकारी प्राप्त हुई। उन सदस्यों का कहना है कि किसी के नाम के आगे उसके व्यवसाय के बारे में जानकारी नहीं लिख सकते। इसी को लेकर कुछ सदस्यों द्वारा एक याचिका ग्वालियर हाई कोर्ट में लगाने के लिए विचार विमर्श किया जा रहा है। उनका कहना है कि अध्यक्ष पद का चुनाव दोबारा कराया जाना उचित होगा। इसके लिए शहर के एडवोकेटों से चर्चा की जा रही है।
