इंदौर: कुछ लोग दुनिया से विदा होने के बाद भी दूसरों के जीवन में उम्मीद की रोशनी छोड़ जाते हैं. गोयल एवेन्यू निवासी 68 वर्षीय श्रीमती प्रतिभा अनिल भोसले भी ऐसी ही मिसाल बन गईं. उनके निधन के बाद परिजनों ने देहदान, नेत्रदान और त्वचा दान कर मानवता की सेवा का संकल्प निभाया. उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा के काम आएगा, नेत्रदान से किसी की अंधेरी दुनिया में रोशनी आने की उम्मीद जगेगी और त्वचा दान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में सहायक बनेगा. अंतिम विदाई के समय मध्यप्रदेश शासन के आदेश के अनुसार इंदौर पुलिस दल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया.
सोमवार को प्रतिभा भोसले का देहदान भोपाल के मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज में संपन्न हुआ. उनका नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक, इंदौर और त्वचा दान चोइथराम स्किन बैंक, इंदौर में किया गया. इस पुनीत कार्य में उनके पति रोटेरियन अनिल भोसले और रोटेरियन तरुण मिश्रा ने समन्वय और सहयोग प्रदान किया. अपनों को अंतिम विदाई देना किसी भी परिवार के लिए भावुक पल होता है, लेकिन ऐसे समय में देहदान का निर्णय लेना समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना को दर्शाता है.
किसी के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है ‘अंतिम विदाई’ भी
प्रतिभा भोसले के परिजनों का यह कदम संदेश देता है कि जीवन की अंतिम विदाई भी किसी दूसरे के लिए नई उम्मीद की शुरुआत बन सकती है. देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों को अध्ययन में मदद मिलती है, नेत्रदान से दृष्टि मिलने की संभावना बनती है और त्वचा दान गंभीर रूप से जले मरीजों के उपचार में उपयोगी हो सकता है. मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर ने इस पुनीत कार्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया.
