नयी दिल्ली, (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि उसने मतदाता पंजीकरण के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा संशोधित फॉर्म-6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि जब बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाल याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी तब संशोधित फॉर्म-6 उसके सामने नहीं था। इस पर 27 मई, 2025 को फैसला सुनाया गया था।
न्यायालय की यह सफ़ाई तब आई जब एक याचिकाकर्ता के वकील ने खंडपीठ को बताया कि ईसीआई ने कहा था कि संशोधित फॉर्म 6 को उच्चतम न्यायालय से मंज़ूरी मिल गई है और इस मुद्दे पर निर्देश मांगा है।
इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा: “जो कहा गया था वह यह था कि जब बिहार एसआईआर मामला हमारे सामने था, तो नया फॉर्म 6 नहीं था। इसका मतलब यह नहीं है कि इसे उच्चतम न्यायालय ने मंज़ूरी दी थी या नामंज़ूर किया।”
सीजेआई ने बताया कि बिहार एसआईआर की कार्यवाही के दौरान अदालत के सामने बदले हुए फॉर्म 6 के बारे में कोई आवेदन नहीं था।
न्यायालय ने गत पांच अक्टूबर को कहा था कि उसने फॉर्म 6 में किसी भी संशोधन को मंज़ूरी नहीं दी।
