डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का जोश बढ़ाएगा एशियाई खेलों का अनुभव

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (वार्ता) भारत के तीन प्रमुख खिलाड़ियों – सप्तक तलवार, वीर अहलावत और युवराज संधू – के लिए हाल ही में आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारत की जर्सी पहनना एक बड़ा रोमांच और उपलब्धि थी।
भले ही एशियाई खेलों में भारत की पुरुष गोल्फ टीम कोई मेडल नहीं जीत पाई, लेकिन वे एक ऐसी चीज़ लेकर लौटे जिसकी वे बहुत कद्र करते हैं – जापान में एशिया के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के दबाव में खेलने का अनुभव। इन खिलाड़ियों में अंततः विजेता बने टॉम किम (जो पीजीए टूर विजेता भी रहे हैं) और पूर्व इंडियन ओपन विजेता कीता नाकाजिमा (जो जल्द ही पीजीए टूर में शामिल होने वाले हैं) भी शामिल थे।

एशियाई खेलों का यह मौका उनके करियर के एक अहम पड़ाव पर मिला। अब यह तीनों 15 से 18 अक्टूबर तक दिल्ली गोल्फ क्लब में होने वाली डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में अलग-अलग कहानियों के साथ उतरेंगे। आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में तलवार और अहलावत व्यक्तिगत रूप से संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे, और भारतीय टीम छठे स्थान पर रही। संधू संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर रहे। यह अनुभव डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप के बड़े मंच पर काम आ सकता है, जिसके टिकट अभी ‘डिस्ट्रिक्ट’ पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यह टूर्नामेंट वर्ल्ड टूर और डीपी वर्ल्ड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है और इसमें 40 लाख अमेरिकी डॉलर का प्राइज फंड है, जो भारत में किसी डीपी वर्ल्ड टूर इवेंट के लिए सबसे बड़ा है।

इन तीनों भारतीयों के लिए और भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वे रोरी मैकलराय, मौजूदा चैंपियन टॉमी फ्लीटवुड, ओपन चैंपियन रयान फॉक्स, जस्टिन रोज़, शेन लोरी, पैट्रिक रीड, ल्यूक डोनाल्ड और पीजीए चैंपियनशिप विजेता एरॉन राय जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलेंगे। तलवार के लिए, यह तरक्की खास तौर पर उल्लेखनीय रही है। 27 वर्षीय यह खिलाड़ी इस सीज़न में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाला भारतीय खिलाड़ी रहा है और ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ में सबसे आगे है। उन्होंने इंडोरामा वेंचर्स ओपन जीता और कई टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें डीपी वर्ल्ड – पीजीटीआई ओपन में दूसरा स्थान और आंध्र ओपन में तीसरा स्थान शामिल है। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर ओपन, कोलार और चेन्नई में भी टॉप-10 में जगह बनाई और कई बार टॉप-15 में रहे। एशियाई खेलों से ठीक पहले, उन्होंने और अहलावत ने बेंगलुरु ओपन में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। वह डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ़ मेरिट की रेस में काफी आगे चल रहे हैं।

तलवार ने एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत ‘फोर-अंडर 66’ के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहकर की, इसके बाद 68 का स्कोर किया और आखिर में एक और 66 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। यह उनके लिए सिर्फ़ एक अच्छा नतीजा नहीं था; बल्कि यह चार राउंड का ऐसा अनुभव था जिससे उन्हें पता चला कि भारत के लिए खेलने की उम्मीदों का बोझ उठाना कैसा होता है। अब वह उसी आत्मविश्वास के साथ दिल्ली आ रहे हैं। अहलावत का सफ़र भी उतना ही उत्साहजनक रहा है। 2024 पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ़ मेरिट चैंपियन का घरेलू सीज़न में पूरे साल शानदार प्रदर्शन रहा है। वह कोई टूर्नामेंट तो नहीं जीत पाए, लेकिन 12 टूर्नामेंट्स में नौ बार टॉप-10 में और सात बार टॉप-5 में रहे। बेंगलुरु में तलवार के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल करने से पहले, वह तेलंगाना ओपन, तेलंगाना गोलकोंडा मास्टर्स, चेन्नई ओपन और नवा रायपुर ओपन में टॉप-10 (तीसरे स्थान) में रहे थे।

एशियाई खेलों में अहलावत का खेल बेहतर होता गया। 71 के स्कोर से शुरुआत करने और उसके बाद 68 का स्कोर करने के बाद, उन्होंने तीसरे राउंड में ‘फाइव-अंडर 65’ का स्कोर करके मुकाबले में वापसी की और आखिर में 67 का स्कोर करके तलवार के साथ संयुक्त रूप से ‘नाइन-अंडर 271’ पर टूर्नामेंट खत्म किया। अहलावत के लिए यह क्रम मायने रखता है। इससे पता चला कि वे धीमी शुरुआत के बाद भी वापसी कर सकते हैं और दबाव बढ़ने पर अपना सर्वश्रेष्ठ गोल्फ़ खेल सकते हैं। साथ ही, उन्हें इस साल ‘होटलप्लानर टूर’ का अनुभव भी मिला है। संधू एक अलग तरह के इंटरनेशनल गोल्फ़ अनुभव के साथ दिल्ली आ रहे हैं। 2025 पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ़ मेरिट के विजेता संधू को डीपी वर्ल्ड टूर में प्रमोशन मिला और उन्होंने इस सीज़न का ज़्यादातर समय यूरोप में फ़ुल-टाइम गोल्फ़ की ज़रूरतों को समझने में बिताया। उनका सफ़र मुश्किल रहा है, लेकिन एशियाई खेलों से ठीक पहले उन्हें एक बड़ी कामयाबी मिली, जब उन्होंने ‘फेडेएक्स ओपन डी फ़्रांस’ में 67, 68, 69 और 69 के राउंड के साथ 11-अंडर 273 का स्कोर करके संयुक्त रूप से 13वां स्थान हासिल किया।

यह इस सीज़न में DP वर्ल्ड टूर पर उनका सबसे अच्छा नतीजा था। इसके बाद वे सीधे नागोया गए; खराब मौसम की वजह से उन्हें प्रैक्टिस के लिए कम समय मिला, लेकिन वे डटे रहे। यह नतीजा उनके ‘डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप’ के सफ़र के लिए काफ़ी अहम हो सकता है। संधू ने डीपी वर्ल्ड टूर के लिए ज़रूरी स्टैंडर्ड को खुद देखा है। अब उन्हें उस लेवल पर खुद को परखने का एक और मौका मिल रहा है, लेकिन ऐसे कोर्स और माहौल में जिसे वे बेहतर ढंग से जानते हैं।
दिल्ली का यह इवेंट किसी घरेलू पीजीटीआर्द टूर्नामेंट जैसा नहीं लगेगा। खेल की रफ़्तार, खिलाड़ियों का स्तर, लोगों का ध्यान और प्रतिद्वंद्वियों की क्वॉलिटी – सब कुछ अलग होगा। लेकिन तलवार, अहलावत और संधू ने जापान में ठीक ऐसा ही अनुभव किया है। भारतीय गोल्फ़ के लिए उनकी मौजूदगी, साथ ही खलिन जोशी, शौर्य भट्टाचार्य जैसे खिलाड़ियों और शुभंकर शर्मा व अनिर्बान लाहिड़ी जैसे जाने-माने नामों की मौजूदगी बहुत अहम है। घरेलू स्तर पर कड़ी चुनौती है और डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप का यह हफ़्ता भारतीय गोल्फ़ के लिए कुछ बहुत ही शानदार और यादगार साबित हो सकता है।

.....

Next Post

सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च, SIR के मुद्दे पर 11 नेताओं ने दाखिल की याचिका

Mon Oct 12 , 2026
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने दिल्ली में मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या […]

You May Like

Play sound