रावलपिंडी, 12 अक्टूबर (वार्ता) युवा बल्लेबाज माज सदाकात (96) और साहिबजादा फरहान (73) की शानदार पारियों की बदौलत पाकिस्तान की नयी टीम ने यहा श्रीलंका के खिलाफ 82 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पाकिस्तान ने माज सदाकत 96 रनों की शानदार पारी की मदद से तीन विकेट पर 215 का बड़ा स्कोर बनाया और फिर रविवार को एशियाई टीम की बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को सात विकेट पर 133 रन पर रोक कर 82 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
यह घरेलू मैदान पर पुरुषों के टी-20 मैचों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा टीम स्कोर था और कुल मिलाकर उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। इससे बेहतर स्कोर उन्होंने 2021 में नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 232/6 बनाया था। इस मैच में पाकिस्तान ने 13 छक्के लगाए, जो किसी भी पुरुष टी-20 में उनके द्वारा लगाए गए छक्कों की संख्या के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है; उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2024 में डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ 15 छक्कों का था।
आईसीसी के अनुसार, साहिबजादा फरहान की कप्तानी में नई टीम के लिए यह अच्छी बात है। बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी के बावजूद पाकिस्तान के नए स्टार खिलाड़ी कई सकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं। मैच के बाद फरहान ने कहा, “यह एक अच्छी जीत है और हम अच्छी तरह से तैयार हो रहे हैं। हम 2026 में एक अलग टी-20 टीम बन गए हैं क्योंकि हमारे छक्के मारने का अनुपात बेहतर हुआ है और हमारे बल्लेबाज 150 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हर बार 200 से ज़्यादा रन बनाएंगे, इसलिए हम उसी जोश के साथ खेलेंगे।”
फरहान ने टॉप ऑर्डर में खेलते हुए 73 रन बनाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने फख़र जमान (22) के साथ पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े और फिर सदाकत के साथ 88 रनों की साझेदारी की, जिससे मेज़बान टीम आसानी से रन बनाती रही।
सदाक़त के लिए यह उनके 10वें इंटरनेशनल मैच में बल्ले से शानदार प्रदर्शन था; 21 साल के इस खिलाड़ी ने सात बार छक्के लगाए और पाकिस्तान की पारी की आखिरी गेंद पर शतक बनाने की कोशिश में आउट हुए। सीरीज के पहले मैच में 50 रन बनाने के बाद सदाकत की यह लगातार दूसरा अर्धशतक था और बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को पता है कि वह अच्छी फ़ॉर्म में हैं।
सदाकत ने कहा, “मैं अपनी फ़ॉर्म का पूरा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं गेंद को हिट कर सकता हूँ… मैं पॉज़िटिव सोच के साथ खेलता हूँ और बाउंड्री मारने के लिए सही गेंदों को चुनता हूं।”
रन का पीछा करते हुए श्रीलंका के सिर्फ़ चार बल्लेबाज़ ही दहाई का आँकड़ा छू पाए और कप्तान कुसल मेंडिस अपनी टीम के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से निराश थे। मेंडिस ने कहा, “बल्लेबाजों को ज़िम्मेदारी लेनी होगी, जिसमें मैं भी शामिल हूं। यह बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी पिच थी और हमें कम से कम 200 रन बनाने चाहिए थे… पिछले कुछ टूर्नामेंट में हमने फ़ील्डिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि पिछले दो मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।”

