ग्वालियर।:नवीन आपराधिक कानूनों पर ग्वालियर पुलिस ने दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।नवीन कानूनों, गिरफ्तारी प्रक्रिया एवं जमानती-अजमानतीय अपराधों पर विवेचकों को प्रशिक्षण दिया गया। कानूनी प्रशिक्षण के साथ पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया गया। हार्टफुलनेस प्रशिक्षक ने मेडिटेशन कराया।
ग्वालियर जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के विवेचकों के लिए आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।हार्टफुलनेस मेडिटेशन के माध्यम से तनाव प्रबंधन – प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की शुरुआत हार्टफुलनेस प्रशिक्षक हरिओम यादव द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मेडिटेशन कराने के साथ हुई। इस दौरान पुलिसकर्मियों को मानसिक शांति, तनाव प्रबंधन एवं बेहतर स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, व्यस्त एवं चुनौतीपूर्ण पुलिस ड्यूटी के बीच शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया।
नवीन आपराधिक कानूनों एवं गिरफ्तारी प्रक्रिया की दी गई जानकारी – इसके उपरांत एडीपीओ पवन शर्मा द्वारा विवेचकों को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के अंतर्गत जमानती एवं गैर-जमानती अपराधों तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने विवेचना के दौरान कानूनी प्रावधानों का सही ढंग से पालन करने, निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने तथा कानूनों को व्यावहारिक रूप से लागू करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में विवेचकों के साथ नवीन आपराधिक कानूनों, जमानती एवं गैर-जमानती अपराधों तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की गई।
