कोच्चि, 11 अक्टूबर (वार्ता) केरल उच्च न्यायालय ने पलक्कड़ के वकील पी. बालासुब्रमण्यन मेनन को ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा दिया है। श्री मेनन के नाम एक कार्यरत वकील के तौर पर सबसे लंबे करियर का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड है और 15 अक्टूबर को वे 100 साल के होने वाले हैं।
यह फ़ैसला शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन की पहल पर लिया गया, जिसमें सात दशकों से ज़्यादा समय तक कानूनी पेशे में श्री मेनन के असाधारण योगदान को मान्यता दी गई।
कानूनी जानकारों ने इस कदम को उच्च न्यायालय द्वारा किसी वकील को ऊंचा दर्जा देने का एक दुर्लभ उदाहरण बताया है, जिनका पेशेवर काम मुख्य रूप से केरल के ज़िलों की निचली अदालतों से जुड़ा रहा है।
श्री मेनन ने 2023 में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई, जब एक प्रैक्टिसिंग वकील के तौर पर उनका करियर 73 साल और 60 दिन का हो गया। 1950 में एनरोल होने और प्रैक्टिस शुरू करने के बाद से, वे इस पेशे में सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड बनाए हुए हैं।
उनकी कानूनी यात्रा मद्रास उच्च न्यायालय से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने महाधिवक्ता रहे कुट्टीकृष्णन मेनन के मार्गदर्शन में अनुभव हासिल किया। वहाँ दो साल बिताने के बाद, वे पलक्कड़ लौट आए और फौजदारी अधिवक्ता के.एस. रामकृष्ण अय्यर की देखरेख में अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।
शुरुआत में श्री मेनन ने फौजदारी केसों पर ध्यान केंद्रित किया। हालाँकि कोच्चि में एक केस के दौरान एक जज के साथ हुई एक घटना उनके लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुई, जिसके बाद उन्होंने अपना ध्यान दिवानी कानूनों की ओर लगाया, जो बाद में उनके पेशेवर करियर का मुख्य आधार बन गया।
यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब मेनन अपनी शताब्दी (100वीं वर्षगांठ) मनाने की तैयारी कर रहे हैं। यह उनके असाधारण कानूनी करियर को दर्शाता है जिसने भारत के न्यायिक परिदृश्य में बड़े बदलाव देखे हैं और साथ ही वे ज़िला-स्तरीय मुकदमों से भी गहराई से जुड़े रहे हैं।
