
रीवा, शारदीय नवरात्रि की शुरूआत घट पूजन के साथ रविवार से होगी. दस दिन तक मातारानी की आराधना और पूजा होगी. शहर रोशनी से जगमा उठा, जगह-जगह दुर्गा पंडाल सज गये है. सुबह से देर रात तक दुर्गा प्रतिमा लेकर जाने वालों का तांता लगा रहा, माता रानी के जयकारे गूंजते रहे.
पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ नवदुर्गा समिति के भक्तगण विभिन्न वाहनों से मातारानी की प्रतिमा उठाने मूर्ति कलाकारों के यहा पहुंचे. देवी पंडालों के साथ-साथ गली मोहल्लों में बनी देवी मंदिरों में भी सजावट के साथ शारदीय नवरात्रि की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया. रविवार के प्रथम दिन से ही शहर के रानी तालाब स्थित माँ कालिका के दर्शन के लिये भक्तों की भीड़ उमड़ेगी, यहा दस दिन तक मेला लगेगा. पुलिस प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए बैरीकेट्स लगाए है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच भक्तगण मातारानी के दर्शन कर सकेगें. शहर में खन्ना चौराहा हर वर्ष की तरह आकर्षक पंडाल सजाया गया है. इसी तरह गोलपार्क, बांसघाट, गल्ला मंडी, ढ़ेकहा रिफूजी कालोनी, स्वागत भवन, शिल्पी प्लाजा आदि स्थानों पर भव्य पंडाल बनाये गये है. प्रशासन ने गाइड लाइन तय की है कि पंडाल बिजली लाइन के नीचे, पेट्रोल पम्प, गैस गोदाम, अस्पताल, स्कूल आदि से सुरक्षित दूरी पर बनाए.
सुरक्षा के दिये निर्देश
एसडीएम हुजूर जितेंद्र तिवारी ने बताया कि दुर्गा प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थलों पर स्थापित करने के निर्देश दिये गये है. नवरात्रि उत्सव समितियों के सदस्यों को दुर्गा प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थलों पर स्थापित करने के संबंध में समझाइश दें. पेट्रोल पंप, गैस गोदाम और अन्य किसी तरह के ज्वलनशील पदार्थों के गोदाम के आसपास दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित न करें. इन स्थलों के आसपास पंडाल लगाने धार्मिक आयोजन अथवा लोगों के एकत्रित होने पर दुर्घटना की आशंका रहती है. दुर्गा प्रतिमाओं के समक्ष अखंड दीपक जलाया जाता है. अगरबत्ती कलश दीप और बिजली के साथ सर्किट से भी आग लगने की आशंका रहती है.
