![]()
झाबुआ. झाबुआ में मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन के लिए संचालित समयबद्ध अभियान में लापरवाही और असंतोषजनक कार्य निष्पादन पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इसके तहत 11 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं, जबकि तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।
अभियान शुरू होने के दो सप्ताह बाद कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि संबंधित पटवारियों ने सौंपे गए दायित्वों का संतोषजनक निर्वहन नहीं किया। निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले उनकी प्रगति शून्य रही। परिवीक्षा अवधि के दौरान किए गए कार्यों, निर्धारित दायित्वों के निर्वहन, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन और समग्र कार्य निष्पादन की समीक्षा में उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर का नहीं पाया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के नियम 8 तथा नियुक्ति आदेश में उल्लेखित परिवीक्षा संबंधी शर्तों के तहत संबंधित पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
सेवा समाप्ति की कार्रवाई में तहसील झाबुआ के आशुतोष बोरासी, तहसील रामा के हेमंत सिंगारे, झाबुआ तहसील के अशोक कुमार भिलाला, मेघनगर तहसील के मधुसूदन बैरागी, अटल निनामा एवं सुश्री शिवानी काजले, थांदला तहसील के अमित मेडा, साहिल डांगी एवं दिलीप बारिया तथा पेटलावद तहसील के विवेक जोसेफ एवं सुश्री रीना टैगोर शामिल है।
वहीं तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है। इनमें पेटलावद तहसील के बाबूलाल गरवाल और राजाराम मेडा तथा मेघनगर तहसील की श्रीमती राजेश्वरी भूरिया शामिल है। जिला प्रशासन ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति और शासकीय कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है की निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और असंतोषजनक कार्य निष्पादन को गंभीरता से लिया जा रहा है।
