
इंदौर. क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम और आसपास के इलाकों में संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम(चेहरा पहचान प्रणाली, एफआरएस) की मदद लेगी. इस सिस्टम में शहर के 2 हजार से ज्यादा बदमाशों की तस्वीरें दर्ज की गई हैं.
सीसीटीवी कैमरों में कैद होने वाले चेहरों का इन तस्वीरों से मिलान कर संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी. मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 3 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.
मैच में 30 हजार से अधिक दर्शकों के पहुंचने की संभावना है, इसे देखते हुए स्टेडियम के प्रवेश द्वारों, पार्किंग स्थलों और आसपास के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी. पुलिस की नजर भीड़ में मौजूद संदिग्धों के साथ ही ऐसे लोगों पर रहेगी, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है. एफआरएस के जरिए बदमाशों की पहचान होने पर पुलिस मौके पर कार्रवाई कर सकेगी. दर्शकों को स्टेडियम में आठ प्रवेश द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा. भीड़ को व्यवस्थित रखने और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम तैयार किए हैं. यहां से कैमरों के जरिए स्टेडियम और आसपास के प्रमुख स्थानों की निगरानी की जाएगी. मैच के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात रहेगी. किसी भी घटना की सूचना मिलने पर टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी. पुलिस की कोशिश है कि दर्शकों की बड़ी संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके.
पुलिस की टीमें अलर्ट
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मैच के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे. संदिग्धों की पहचान के लिए एफआरएस और सीसीटीवी की मदद ली जाएगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की टीमें अलर्ट रहेंगी.
