परासिया: परासिया विधानसभा क्षेत्र में डब्ल्यूसीएल और बंद छोटी रेल लाइन की जमीन पर दशकों से बसे हजारों परिवारों को अब तक भूमि पट्टा नहीं मिलने का मामला गरमा गया है। 40 से 50 वर्षों से निवासरत परिवार मकानों में रहने और स्थानीय निकायों को टैक्स देने के बावजूद मालिकाना हक से वंचित हैं। जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं होने से कई पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
समस्या के निराकरण की मांग को लेकर कोयलांचल रक्षा मंच ने संरक्षक हरिश्चंद्र अग्रवाल, संयोजक राजकुमार सिंग, नितिन कतिया के नेतृत्व में जिला कलेक्टर हरेंद्र राव को ज्ञापन सौंपा। परासिया से काफिले के साथ पहुंचे हजारों युवाओं ने प्रशासन को क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से अवगत कराते हुए पात्र परिवारों को पट्टा दिलाने की मांग उठाई।
मंच ने कहा कि क्षेत्र में कई खदानें लंबे समय से बंद हैं और छोटी रेल लाइन भी लगभग तीन दशक से बंद पड़ी है। ऐसे में वर्षों से यहां निवास कर रहे परिवारों को भूमि अधिकार दिलाने के लिए शासन और संबंधित विभागों को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। पट्टा मिलने से पात्र परिवारों के लिए आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पाने का रास्ता खुल सकेगा।
ज्ञापन में मांग की गई कि डब्ल्यूसीएल, रेलवे और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर भूमि की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा नियमानुसार पात्र परिवारों को पट्टे प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मंच ने उठाया सवाल:
जब परिवार चार-पांच दशकों से यहां रह रहे हैं और स्थानीय निकायों को टैक्स भी दे रहे हैं, तो उन्हें भूमि का वैधानिक अधिकार कब मिलेगा? कोयलांचल रक्षा मंच ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
कार्यक्रम में संयोजक राजकुमार सिंह, सहसंयोजक नितिन कतिया सहित मंच के अन्य पदाधिकारी एवं युवा शामिल रहे। अब प्रभावित परिवारों को प्रशासन और संबंधित विभागों की पहल का इंतजार है।
