UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर, MDR पर 18% से घटकर 5% हो सकता है GST! काउंसिल की बैठक में हुआ विचार

मुंबई, जीएसटी परिषद ने यूपीआई एमडीआर पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 5% करने पर विचार किया, जिससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। जानें बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसले।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक कई अहम फैसले लिए गए। जीएसटी परिषद ने अधिकारियों की गिरफ्तार करने की शक्ति खत्म की, मुकदमा चलाने की सीमा को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दी गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले साल सरकार ने जीएसटी की दरों को कम किया था। इस साल हमने प्रक्रिया को आसान बनाने पर फोकस किया है।

अब 10 दिन में जारी होंगे रिफंड
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजीकरण में सामान्य बदलावों को अपने-आप अनुमति देने को मंजूरी जीएसटी परिषद ने दे दी है। अब रिफंड तेजी से जारी होंगे और स्वीकृति की अवधि 15 दिन से घटकर 10 दिन हो जाएगी। साथ ही, 90 प्रतिशत रिफंड 3 कामकाजी दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।

ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए पंजीकरण को आसान बनाने पर उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स के प्लेटफॉर्म पर छोटे ब्रिकेताओं के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया से छोटे बिजनेस को हर राज्य में बिजनेस की जगह बनाए बिना सामान बेचने में मदद मिलेगी।

MDR को लेकर क्या है अपडेट?
इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर जीएसटी को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया। ज्यादातर राज्यों ने यूपीआई एमडीआर पर 18 प्रतिशत जीएसटी को लेकर चिंता जताई। नए यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की योजना है।

जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए एक अहम समय पर आया है।

नए यूपीआई फ्रेमवर्क में, कुछ शर्तों और छूट के साथ, 2,000 रुपए से ज्यादा के खास ‘पर्सन-टू-मर्चेंट’ ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर तय किया गया है। सरकार के मुताबिक, ‘पर्सन-टू-मर्चेंट’ यूपीआई ट्रांजैक्शन में से लगभग 96 प्रतिशत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

1 अप्रैल 2027 से लागू होगा यह नियम
एक कॉमन स्टैंडर्ड यह तय करेगा कि नोटिस कैसे जारी और सर्व किया जाता है, प्री-नोटिस कैसे दी जाती है, फ्रॉड का आरोप कब लग सकता है, सुनवाई कैसे की जाती है और ऑर्डर कैसे लिखा जाता है।

दस हजार रुपये की मॉनेटरी लिमिट से कम पर कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि गुरुवार को घोषित सुधार 1 अप्रैल, 2027 से लागू होंगे, जो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत है।

 

 

Next Post

त्योहारों से पहले सोने की कीमतों में गिरावट! ₹1.49 लाख के पास आया 24K सोना, चेक करें अपने शहर के ताजा भाव

Fri Oct 9 , 2026
मुंबई, 9 अक्टूबर 2026 को देश में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में 24K सोना गिरकर 1,49,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। देखें प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स। Aaj Ka sona Chandi Ka Bhav: 9 अक्टूबर को देश के कई शहरों में सोने […]

You May Like