
सिंगरौली/चितरंगी। चितरंगी थाना क्षेत्र के सकरिया में गुरुवार को तेज रफ्तार सवारियों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के समय वाहन में बच्चों समेत करीब 35 लोग सवार बताए जा रहे हैं। दुर्घटना में करीब 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। एक व्यक्ति का पैर और एक महिला का हाथ कट जाने की भी सूचना है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बताया गया कि पिकअप भैंसाहुड़ सेनजर पहरी की ओर से चितरंगी जा रही थी। इसी दौरान सकरिया के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन में सवार सहदेव पिता भैयालाल, उम्र 50 वर्ष, ऐतवारिया पत्नी गिरधारी खैरवार, 52 वर्ष, रजवंती पत्नी रामबहादुर खैरवार, 32 वर्ष, सूतबिया देवी पत्नी लखन, 58 वर्ष, सुरेश पिता हनुमान खैरवार, 14 वर्ष, संतोष देवी पत्नी राजविंद, 36 वर्ष, छोहागी देवी पत्नी जगधारी, 45 वर्ष, राजकुमारी पत्नी कुवारे, 43 वर्ष, सुनील पिता शिवप्रसाद खैरवार, 13 वर्ष तथा मंगला पुत्री हनुमान खैरवार, 16 वर्ष समेत अन्य घायल हुए हैं।
सभी घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी में कराया जा रहा है। चार घायलों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला चिकित्सालय बैढ़न रेफर किया है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की। सुष्मिता सिंह ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
सवारी ढोने वाली पिकअप को किसकी अनुमति?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पिकअप जैसे मालवाहक वाहन में करीब 35 सवारियों को बैठाकर ले जाने की अनुमति आखिर किसने दी? क्या वाहन की नियमित जांच और कार्रवाई होती है या फिर सड़क पर ऐसे वाहनों को अनदेखा कर दिया जाता है?
वसूली के आरोपों की भी हो जांच
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस की नियमित जांच व्यवस्था के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में सवारियों से भरी पिकअप कैसे सड़क पर दौड़ रही थी। यदि जांच के नाम पर वाहनों की विधिवत एंट्री अथवा वसूली की जाती है तो संबंधित व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्षमता से कई गुना सवारियां, जिम्मेदारी तय हो
एक वाहन में बच्चों समेत करीब 35 लोगों को बैठाना यातायात सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। हादसे में कई लोगों के घायल होने और अंग कटने जैसी गंभीर सूचना सामने आने के बाद परिवहन विभाग और पुलिस की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरे मामले में वाहन की क्षमता, परमिट, चालक की लापरवाही और सवारी बैठाने की अनुमति की जांच की मांग उठ रही है।
