रीवा:खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक एवं अभिनेता राजा बुंदेला ने रंग उत्सव नाट्य समिति, रीवा के कलाकारों एवं विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद करते हुए अभिनय कक्षा ली. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और रंगमंच तथा सिनेमा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.
राजा बुंदेला ने विद्यार्थियों को खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की स्थापना और उसकी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने साझा किया कि फेस्टिवल की शुरुआत किस विचार के साथ हुई, इसे स्थापित करने के दौरान किन चुनौतियों और बाधाओं का सामना करना पड़ा तथा निरंतर प्रयासों और समर्पण के माध्यम से यह आयोजन किस तरह आगे बढ़ता गया.
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव और सवाल राजा बुंदेला के समक्ष रखे. उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए अभिनय, रंगमंच, सिनेमा और एक कलाकार के निरंतर सीखते रहने के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि कलाकार के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और मंच तथा सिनेमा दोनों ही निरंतर सीखने के अवसर प्रदान करते हैं. यह मुलाकात रंग उत्सव के विद्यार्थियों के लिए विशेष रही, क्योंकि उन्हें ऐसे कलाकार से सीधे संवाद और सीखने का अवसर मिला, जिन्होंने स्वयं एक आयोजन को विचार से लेकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की यात्रा को करीब से देखा और अनुभव किया है. कार्यक्रम में अंकित मिश्रा, शुभम पांडेय, गौरव सिंह एवं संस्था के संरक्षक विभु सूरी सहित रंग उत्सव नाट्य समिति के छात्र-कलाकार उपस्थित रहे. इस अवसर पर रंगमंच और सिनेमा के बीच संवाद को नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया
