
सिंगापुर, 06 अक्टूबर (वार्ता) हरियाणा को प्रौद्योगिकी-संचालित विनिर्माण और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के हब के रूप
में स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को अपनी सिंगापुर यात्रा के तीसरे दिन वहां की एक दर्जन से अधिक कंपनियों के साथ गोलमेज बैठक की।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, श्री सैनी ने ‘सिंगापुर बिजनेस फोरम’ के बैनर तले आयोजित एक कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, वेयरहाउसिंग और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की रूपरेखा रखी।
बयान के मुताबिक, श्री सैनी ने सिंगापुर की कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा, “हमारा लक्ष्य गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ और प्रौद्योगिकी-संचालित व्यवसायों के लिए अगले विकास केंद्र के रूप में विकसित करना है।”
गुरुग्राम में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का केंद्र बना हरियाणा अब पारंपरिक आईटी और ऑटोमोटिव क्षेत्रों से आगे बढ़कर अपने निवेश आधार में विविधता लाना चाहता है। राज्य सरकार ने कहा कि वह हाई-टेक और टिकाऊ क्षेत्रों में अपने औद्योगिक विस्तार के लिए विशेष रूप से सिंगापुर के सहयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
डिजिटल आधारभूत संरचना के विस्तार को मजबूती देने के लिए राज्य की भावी नीतियों का जिक्र करते हुए श्री सैनी ने बताया कि हरियाणा वर्ष 2026 में ‘डेटा सेंटर नीति’ लागू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, “भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम ‘डेटा सेंटर पॉलिसी 2026’ ला रहे हैं।”
अधिकारियों ने बताया कि बातचीत का मुख्य केंद्र विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों में हरियाणा की मौजूदा क्षमताओं का लाभ उठाकर विदेशी पूंजी तथा तकनीकी विशेषज्ञता को आकर्षित करना था।
सैनी ने मंच को संबोधित करते हुए कहा, “विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हरियाणा को विशेष बढ़त हासिल है।”
चीन के विकल्प के रूप में भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के केंद्र सरकार के प्रयासों के बीच विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा विदेशी निवेश जुटाने की मुहिम चलाई जा रही है; मुख्यमंत्री की यह सिंगापुर यात्रा इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।
सिंगापुर भारत के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है और बुनियादी ढांचे तथा प्रौद्योगिकी परियोजनाओं में लगातार भागीदार रहा है। हरियाणा सरकार ने मंगलवार की गोलमेज बैठक में शामिल विशिष्ट कंपनियों के नामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि इस बातचीत में कई क्षेत्रों से जुड़े “ठोस निवेश प्रस्तावों” पर चर्चा हुई।
इस सप्ताह के अंत में श्री सैनी के भारत लौटने से पहले अन्य सरकारी और व्यावसायिक बैठकों के साथ यह दौरा जारी रहने की उम्मीद है।
