बिलासपुर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर का पहला ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह आज मंगलवार को आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रही हैं और संस्थान के 92 डॉक्टरों व प्रशिक्षुओं को उनकी डिग्रियां प्रदान करेंगी। एम्स की इस शैक्षणिक यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर एमबीबीएस 2020 बैच के 43 छात्र, एमडी/एमएस 2023 बैच के 14 डॉक्टर, नर्सिंग के 26 और पैरामेडिकल के 9 विद्यार्थी डिग्रियां प्राप्त करेंगे। राष्ट्रपति के इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित हैं।
कड़े सुरक्षा पहरे के बीच राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम, रणसिंघा स्मृति चिन्ह से होगा स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह 10:35 बजे एम्स बिलासपुर के हेलीपैड पर उतरने के बाद सीधे दीक्षांत समारोह स्थल पर पहुंचेंगी। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने चप्पे-चप्पे पर करीब 250 पुलिस अधिकारियों व जवानों को तैनात किया है। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एम्स प्रशासन की तरफ से उन्हें पारंपरिक पीतल और तांबे से हाथ से तैयार ‘रणसिंघा स्मृति चिन्ह’ भेंट किया जाएगा, साथ ही उन्हें बाबा बालक नाथ और श्री नैना देवी जी मंदिर की प्रतिमा से भी सम्मानित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और सुचारु यातायात के मद्देनजर नौणी से ब्रह्मपुखर मार्ग पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, जबकि क्षेत्र में ड्रोन और पैराग्लाइडिंग पर भी रोक जारी है।
तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर हैं राष्ट्रपति, मनाली और अटल टनल रोहतांग का भी करेंगी दौरा
एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय (6 से 8 अक्टूबर) आधिकारिक हिमाचल दौरे के अगले चरणों के लिए रवाना होंगी। निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, राष्ट्रपति आज शाम को कुल्लू जिले की खूबसूरत पर्यटन नगरी मनाली पहुंचेंगी। इसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को उनका प्रसिद्ध हिडिंबा माता मंदिर में दर्शन करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग का दौरा करने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति के इन दौरों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और काफिले की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति 8 अक्टूबर की सुबह मनाली से प्रस्थान करेंगी।

